90 साल के तोशिसुके कानाजावा ने जीता बॉडीबिल्डिंग खिताब, जानें फिटनेस राज

90 साल के जापानी बॉडीबिल्डर तोशिसुके कानाजावा की प्रेरणादायक कहानी। जानें कैसे उन्होंने 31 अगस्त को खिताब जीता और क्या है उनकी फिटनेस और डाइट का राज।

Sep 25, 2026 - 17:35
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90 साल के तोशिसुके कानाजावा ने जीता बॉडीबिल्डिंग खिताब, जानें फिटनेस राज

जापान के 90 साल के तोशिसुके कानाजावा की कहानी आम बुजुर्गों की जीवनशैली से बिल्कुल अलग और अविश्वसनीय है। जिस उम्र में अधिकांश लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे होते हैं या बिस्तर पर आराम कर रहे होते हैं, उस उम्र में कानाजावा बॉडीबिल्डिंग के मंच पर अपना जलवा बिखेर रहे हैं। हाल ही में 31 अगस्त को जापान में आयोजित एक मास्टर बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी शिकस्त दी और खिताब अपने नाम कर लिया। कानाजावा ने यह अद्भुत कारनामा 90 साल की उम्र में करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वे अब तक कुल 19 खिताब जीत चुके हैं और उनकी इच्छा है कि वे भविष्य में कम से कम कुछ और खिताब अपने नाम करें।

बचपन से ही था खेलों का शौक

तोशिसुके कानाजावा का जन्म साल 1936 में जापान के शिमाने प्रांत में हुआ था। उन्हें बचपन से ही शारीरिक गतिविधियों में गहरी रुचि थी और वे तैराकी और रेसलिंग जैसे खेलों के प्रति आकर्षित थे। कानाजावा के अनुसार, जब वे हाई स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उन्होंने खेल की दुनिया में अपना पहला मेडल जीता था। इस पहली जीत ने उनके भीतर एक ऐसा आत्मविश्वास जगाया कि उन्होंने खेल की दुनिया में ही अपना भविष्य बनाने का फैसला कर लिया। उन्होंने 30 साल की उम्र तक रेसलिंग की, लेकिन उसके बाद उन्होंने इसे छोड़ दिया और खेल से दूरी बना ली थी।

50 की उम्र में पत्नी के लिए की वापसी

कानाजावा के बॉडीबिल्डिंग में दोबारा कदम रखने की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है। 30 साल की उम्र में रेसलिंग छोड़ने के बाद वे लंबे समय तक खेलों से दूर रहे। लेकिन जब वे 50 साल के हुए, तो उन्होंने अपनी पत्नी को मोटिवेट करने के उद्देश्य से फिर से बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में कदम रखा। तब से लेकर आज तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कानाजावा अब तक 8 विश्व प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा, उनके पास राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कुल 19 मेडल मौजूद हैं। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कानाजावा उस उम्र में भी सक्रिय हैं जब लोग आमतौर पर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे होते हैं।

100 प्रतिशत ऑरिजिनल शरीर का दावा

कानाजावा का कहना है कि उनका शरीर 100 प्रतिशत ऑरिजिनल है और उन्होंने इसे प्राकृतिक तरीके से मेंटेन किया है। वे अपनी फिटनेस का श्रेय अपने खानपान और नियमित दिनचर्या को देते हैं। 90 साल की उम्र में भी वे रोज जिम जाते हैं और वजन उठाते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कुछ कड़े अनुशासन लागू किए हैं, जैसे कि उन्होंने अपने खाने में मछली और मांस को पूरी तरह से छोड़ दिया है। इसके अलावा, वे बचपन से ही शराब का सेवन नहीं करते हैं। उनका मानना है कि इन आदतों ने उन्हें लंबे समय तक जवान और मजबूत बनाए रखने में मदद की है।

कैसा है कानाजावा का डाइट प्लान?

कानाजावा अपनी डाइट को लेकर बहुत सख्त हैं।

खानपान के साथ-साथ कानाजावा पर्याप्त आराम को भी बहुत महत्व देते हैं और वे हर दिन 7 घंटे की गहरी नींद लेते हैं ताकि उनका शरीर रिकवर हो सके। रोज जिम में पसीना बहाना, शाकाहारी और पौष्टिक भोजन लेना और अनुशासन का पालन करना ही उनकी फिटनेस का असली राज है। तोशिसुके कानाजावा आज दुनिया भर के युवाओं और बुजुर्गों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बन सकती।

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