Israel-Iran War: इजराइल से जंग और अमेरिका टारगेट पर, क्या ट्रंप को मारना चाहता है ईरान?

Israel-Iran War: जैसे-जैसे अमेरिका में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, ट्रंप की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं. एक तरफ वो हर सर्वे में लगातार पिछड़ रहे हैं

Sep 25, 2024 - 09:35
Sep 25, 2024 - 10:06
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Israel-Iran War: इजराइल से जंग और अमेरिका टारगेट पर, क्या ट्रंप को मारना चाहता है ईरान?

Israel-Iran War: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक गंभीर खुलासा हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ट्रंप के चुनावी कैंपेन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उन्हें राष्ट्रीय खुफिया निदेशालय (Office of the Director of National Intelligence) से इस खतरे की जानकारी दी गई है। इस धमकी का उद्देश्य अमेरिका में अस्थिरता फैलाना और चुनावी माहौल को बिगाड़ना बताया जा रहा है।

ईरान क्यों निशाना बना रहा है ट्रंप को?

ईरान और डोनाल्ड ट्रंप के बीच की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में ईरान के साथ किए गए ऐतिहासिक न्यूक्लियर डील को समाप्त कर दिया था, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हो गए थे। 2020 में, अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या ने इस दुश्मनी को और गहरा कर दिया। इसके बाद ईरान ने अमेरिका से बदला लेने की कसम खाई थी।

इस समय, ईरान और इज़राइल के बीच तनाव चरम पर है, खासकर गाजा पट्टी में हो रहे संघर्ष को लेकर। ईरान का आरोप है कि इज़राइल को अमेरिका का समर्थन मिल रहा है, और ट्रंप ने खुले तौर पर इज़राइल का समर्थन किया है। इन परिस्थितियों में, ईरान ट्रंप को निशाना बनाकर अमेरिका में अस्थिरता पैदा करना चाहता है।

खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

ट्रंप के चुनावी अभियान ने बुधवार को बताया कि उन्हें राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय से ईरान की ओर से आने वाली हत्या की वास्तविक और विशिष्ट धमकियों के बारे में जानकारी दी गई है। इसका मकसद चुनावों के दौरान अमेरिका में अराजकता फैलाना है। हालांकि, ट्रंप ने इस चेतावनी पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनकी सुरक्षा को और कड़ा किया जा सकता है।

पूर्व में हुए हत्या के प्रयास

डोनाल्ड ट्रंप पर पहले भी दो बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। जुलाई 2023 में पेन्सिलवेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान एक 20 वर्षीय युवक ने उन पर गोली चलाई थी, लेकिन ट्रंप बाल-बाल बच गए। सुरक्षा एजेंट ने मौके पर ही हमलावर को मार गिराया। कुछ ही हफ्तों बाद, फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी के इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में गोल्फ खेलते समय ट्रंप पर फिर से हमले की कोशिश हुई थी। हमलावर AK-47 जैसी राइफल के साथ 500 मीटर की दूरी पर था, लेकिन सुरक्षा एजेंटों ने समय रहते उसे पकड़ लिया।

ईरान और चुनावों पर असर

ईरान अमेरिकी चुनावों पर करीबी नजर रख रहा है, खासकर आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर। ईरान को उम्मीद है कि चुनावों के बाद अमेरिका में ऐसा नेतृत्व आएगा जो ईरान के साथ संबंधों में नरमी दिखाएगा। अगर ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो ईरान के लिए हालात मुश्किल हो सकते हैं, क्योंकि ट्रंप का इज़राइल समर्थन और ईरान विरोधी रुख पहले से ही स्पष्ट है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप को मिली इस खुफिया चेतावनी ने अमेरिकी चुनावों में एक नया मोड़ ला दिया है। ईरान की ओर से ट्रंप को निशाना बनाए जाने की खबर से उनकी सुरक्षा के साथ-साथ चुनावी माहौल पर भी असर पड़ सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस धमकी के बाद ट्रंप और उनके चुनावी अभियान में क्या बदलाव होते हैं, और खुफिया एजेंसियां इस संभावित खतरे से कैसे निपटती हैं।

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