Parliament Session: कौन ऑन-ऑफ करता है संसद में माइक? राहुल गांधी और खरगे ने बनाया मुद्दा
Parliament Session: नीट के मुद्दे के बीच लोकसभा में शुक्रवार को कार्यवाही के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनका माइक बंद किया गया है. राहुल के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा, यहां पर ऐसा कोई बटन नहीं होता, जिससे माइक को बंद किया जाए.
Parliament Session: लोकसभा में शुक्रवार को कार्यवाही के दौरान NEET पेपर लीक का मुद्दा छाया रहा. इस दौरान विपक्षी दल ने इस पर बहस की मांग की. लोकसभा कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनका माइक बंद किया गया है. राहुल के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा, यहां पर ऐसा कोई बटन नहीं होता, जिससे माइक को बंद किया जाए.
इस बीच राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे कि आज छात्र परेशान है, 7 साल में 70 बार पेपर लीक हुए हैं. इस दौरान उनका माइक बंद हो गया और उनकी आवाज आना बंद हो गई. इस बीच धनखड़ ने कहा कि कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा. अब कांग्रेस ने माइक को बंद करने के मामले को मुद्दा बना लिया है. ऐसे में सवाल है कि सदन में माइक ऑन और ऑफ करने का अधिकार किसके पास होता है.
संसद में माइक ऑन-ऑफ करने का अधिकार किसके पास?
नई संसद के दोनों सदनों में माइक कंट्रोल करने के लिए अलग पैनल होते हैं. यहां साउंड इंजीनियर अध्यक्ष/सभापति के आसन के उपर प्रथम तल पर बैठते हैं जो रियल टाइम सीसीटीवी और पैनल में लगे स्क्रीन में सदस्यों को देख सकते हैं और उनको देखकर सांसद का माईक ऑन/ऑफ करते हैं.
18वीं लोकसभा में अभी तक सांसदों को डिविज़न नंबर नहीं मिला है इसलिए सांसदों को स्क्रीन/सीसीटीवी में देखकर उनका माइक ऑन करना पड़ता है. लेकिन डिवीजन नंबर मिलने के बाद साउंड इंजीनियर का काम आसान हो जाता है.
अब इसे डिविजन नम्बर से समझ लेते हैं. डिविज़न नंबर ही सांसद का सीट नंबर भी होता है, लिहाजा डिविज़न नंबर मिलने के बाद सांसद सिर्फ अपनी ही सीट से बोल सकता है क्योंकि उसका नाम पुकारे जाने पर सिर्फ उसकी सीट पर लगा माइक ही ऑन होगा.
कांग्रेस ने शेयर किया माइक बंद होने का वीडियो
जहां एक ओर नरेंद्र मोदी NEET पर कुछ नहीं बोल रहे, उस वक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी युवाओं की आवाज़ सदन में उठा रहे है.
लेकिन...
ऐसे गंभीर मुद्दे पर माइक बंद करने जैसी ओछी हरकत करके युवाओं की आवाज़ को दबाने की साजिश की जा रही है. pic.twitter.com/NhJnZZVM66 — Congress (@INCIndia) June 28, 2024
क्या कहता है नियम?
सदन में हर सांसद के आगे एक माइक होता है और साउंड इंजीनियर इसे बंद या चालू कर सकते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए कुछ नियम हैं. जैसे शून्य काल में हर सांसद को बोलने के लिए तीन मिनट मिलते हैं. जैसे ही उनका समय पूरा होता है उनका माइक बंद हो जाता है. आसन से जिसका नाम पुकारा जाए, उसका माइक ऑन करना होता है. जब आसन कहता है कि यह रिकॉर्ड में नहीं जाएगा तो माइक बंद हो जाता है. इस तरह माइक को ऑन और ऑफ किया जाता है.
माइक को बनाया मुद्दा
कांग्रेस ने माइक को अब मुद्दा बना लिया है. पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जहां एक ओर नरेंद्र मोदी NEET पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं, उस वक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में युवाओं की आवाज़ उठा रहे है. लेकिन, ऐसे गंभीर मुद्दे पर माइक बंद करके युवाओं की आवाज़ को दबाने की साजिश की जा रही है.
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