Semicon India 2024: भारत खेलेगा सेमीकंडक्टर में बड़ा दांव, पीएम मोदी ने किया ये ऐलान

Semicon India 2024: सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत आने वाले समय में एक बड़ा दांव खेलने जा रहा है. इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी ने 'सेमीकॉन इंडिया 2024' में बड़ा ऐ

Sep 11, 2024 - 18:20
Sep 11, 2024 - 22:07
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Semicon India 2024: भारत खेलेगा सेमीकंडक्टर में बड़ा दांव, पीएम मोदी ने किया ये ऐलान

Semicon India 2024: आज के डिजिटल युग में, सेमीकंडक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे तकनीकी प्रगति में सेमीकंडक्टर का आधारभूत स्थान है। इस क्षेत्र में भारत की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो न केवल भारत के तकनीकी भविष्य को आकार देगा बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी एक नई दिशा देगा।

भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति: पीएम मोदी का दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सेमीकॉन इंडिया 2024" के मंच पर सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने कहा, "हमारा सपना है कि दुनिया के हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में भारत में बनी चिप लगी हो।" यह बयान भारत की महत्वाकांक्षी योजना को स्पष्ट करता है, जिसमें देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कोविड-19 के प्रभाव ने बढ़ाई सेमीकंडक्टर की अहमियत

प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में आई बाधाओं की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "कोविड-19 ने सेमीकंडक्टर और उसकी सप्लाई चेन की जरूरत को उजागर किया। दुनिया ने सप्लाई चेन संकट का सामना किया, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई।" चीन द्वारा कोविड के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों से वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति प्रभावित हुई, और इसने भारत सहित अन्य देशों को इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को महसूस कराया।

भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता और निवेश की दिशा

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत विभिन्न सेक्टरों में प्रतिस्पर्धात्मकता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, "भारत अपनी अर्थव्यवस्था में कई सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को विकसित करने का काम कर रहा है।" सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने स्थिर नीतियां बनाई हैं और तकनीकी दृष्टिकोण से एक मजबूत आधार तैयार किया है।

"थ्री-डी पावर" की अवधारणा

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए "थ्री-डी पावर" की अवधारणा पर जोर दिया। इसमें तीन महत्वपूर्ण तत्व शामिल हैं:
  • स्थिर नीतियां: नीति निर्धारण में स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण।
  • मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत आधार: निर्माण सुविधाओं और तकनीक का विकास।
  • एस्पिरेशनल मार्केट का टेक्नोलॉजी अपनाना: बाजार की जरूरतों और तकनीकी नवाचार का समन्वय।

भारत की आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में पहले ही 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जा चुका है, और कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं। इस निवेश के माध्यम से भारत न केवल अपनी स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी एक महत्वपूर्ण स्थान सुनिश्चित कर रहा है।

भविष्य की दिशा

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, "आज का भारत दुनिया में विश्वास जगाता है। जब मुश्किलें आती हैं, तो आप भारत पर भरोसा कर सकते हैं।" यह बयान भारत के तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत का निवेश और प्रगति वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण आर्थिक और तकनीकी लाभ प्रदान करेगी।

इस प्रकार, भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है, और पीएम मोदी की घोषणा इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रयास भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा।

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