CJP का संसद चलो अभियान: जंतर मंतर पर भारी हंगामा, NEET पेपर लीक पर बवाल
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन। पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो स्टेशन बंद और राजनीतिक घमासान की पूरी जानकारी।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' अभियान के कारण जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक के इलाके में भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोलों और हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा। इस प्रदर्शन के कारण मध्य दिल्ली में यातायात और मेट्रो सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और पुलिसिया कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य संसद तक मार्च करना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना था और जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में समर्थक जुटे थे, जहां विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए। हालांकि, बाद में पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली करवा दिया।
संसद की कार्यवाही और उच्च स्तरीय बैठकें
CJP के इस अभियान का असर संसद के भीतर भी देखने को मिला। पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर स्थिति की समीक्षा की। दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया। हालांकि, पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि दीपके को औपचारिक रूप से हिरासत में नहीं लिया गया था। वहीं, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का 21 दिन का अनशन अभी भी जारी है।
मेट्रो स्टेशन बंद और यात्रियों की मुसीबत
सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सोमवार को पांच मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। राजीव चौक और पटेल चौक जैसे प्रमुख स्टेशनों के गेट बंद होने के कारण यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई और सैकड़ों लोग फंस गए। कुछ प्रदर्शनकारी मेट्रो परिसर के अंदर भी घुस गए और नारेबाजी की, जिसके बाद पटेल चौक स्टेशन के पास सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शनकारी संसद के पास स्थित भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्यालय तक भी पहुंच गए, जहां उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए।
शास्त्री भवन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सूत्रों के अनुसार, शास्त्री भवन के पास सुरक्षा बलों ने उस समय आंसू गैस के गोले छोड़े जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की। संसद के मानसून सत्र को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया है। झड़पों के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। हाई-सिक्योरिटी जोन में आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद रखे गए हैं।
विपक्षी नेताओं का समर्थन और खरगे का बयान
इस विरोध प्रदर्शन को विपक्षी दलों का भी भरपूर समर्थन मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी जंतर-मंतर पहुंचे। मनीष सिसोदिया ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की थी कि वे देश के युवाओं के भविष्य के लिए इस मार्च में शामिल हों। समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव भी प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचीं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, "यह छात्रों से जुड़ा मामला है; मैं लाखों बच्चों के भविष्य के बारे में बोल रहा हूं। इस कारण से हजारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है।
सरकार के साथ बातचीत की पहल
तनावपूर्ण स्थिति के बीच, CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। सौरव दास ने कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं और मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव सोमवार सुबह आया था और सुबह 11:50 बजे से चर्चा शुरू हुई। उन्होंने बताया कि दोपहर लगभग 4 बजे उन्हें एक लिखित याचिका सौंपी गई। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त करने और शांति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने का अनुरोध किया है, साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराएंगे।
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