Jayesh Logistics IPO Listing:निवेशकों को तगड़ा झटका, डिस्काउंट पर लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट

जयेश लॉजिस्टिक्स के आईपीओ की लिस्टिंग डिस्काउंट पर हुई और शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों को 6.56% का नुकसान हुआ। आईपीओ को 65 गुना से अधिक बोलियां मिली थीं।

Nov 3, 2025 - 13:35
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Jayesh Logistics IPO Listing:निवेशकों को तगड़ा झटका, डिस्काउंट पर लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट

जयेश लॉजिस्टिक्स के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर बेहद फीकी शुरुआत हुई, जिससे आईपीओ निवेशकों को बड़ा झटका लगा और कंपनी के शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हुए और लिस्टिंग के तुरंत बाद लोअर सर्किट पर पहुंच गए, जिससे निवेशकों की पूंजी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। यह स्थिति ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के संकेतों के बिल्कुल विपरीत थी, जिसने लिस्टिंग पर 7. 38% प्रीमियम का अनुमान लगाया था।

कमजोर लिस्टिंग और निवेशकों को नुकसान

जयेश लॉजिस्टिक्स के आईपीओ में शेयर ₹122 के भाव पर जारी किए गए थे। हालांकि, आज NSE SME पर इसकी एंट्री ₹120. 00 पर हुई, जो आईपीओ मूल्य से 1. 64% कम है। इसका मतलब है कि आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग पर कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि उनकी पूंजी में तत्काल कमी आ गई। यह उन निवेशकों के लिए निराशाजनक था जिन्होंने ग्रे मार्केट के संकेतों पर। भरोसा किया था, जहां इसके ₹131 प्रति शेयर पर लिस्ट होने की उम्मीद थी। लिस्टिंग के बाद शेयर और नीचे गिरते हुए ₹114. 00 के लोअर सर्किट पर पहुंच गया, जिससे आईपीओ निवेशकों को अब 6. 56% का कुल घाटा हो रहा है और यह गिरावट बाजार की अस्थिरता और कंपनी के शेयरों के प्रति निवेशकों की धारणा को दर्शाती है।

आईपीओ को मिला था जबरदस्त रिस्पांस

बाजार में कमजोर लिस्टिंग के बावजूद, जयेश लॉजिस्टिक्स के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। यह आईपीओ 27 से 29 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसे कुल मिलाकर 65. 59 गुना अधिक बोलियां मिली थीं और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 40. 86 गुना (एंकर निवेशकों को छोड़कर) भरा था, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 138. 75 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 51. 79 गुना भरा था। यह भारी सब्सक्रिप्शन कंपनी के व्यापार मॉडल और भविष्य की संभावनाओं में निवेशकों के मजबूत। विश्वास को दर्शाता है, भले ही लिस्टिंग के दिन बाजार की परिस्थितियां प्रतिकूल रही हों।

आईपीओ से जुटाए गए धन का उपयोग

जयेश लॉजिस्टिक्स ने इस आईपीओ के माध्यम से ₹28 और 63 करोड़ जुटाए हैं। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 23. 47 लाख नए शेयर जारी किए गए थे। कंपनी ने इन पैसों को विभिन्न रणनीतिक उद्देश्यों के लिए आवंटित करने की योजना बनाई है। इसमें से ₹8 और 85 करोड़ का उपयोग साइड वाल ट्रेलर्स की खरीद के लिए किया जाएगा, जो कंपनी की लॉजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। ₹11. 24 करोड़ कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो दैनिक परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, ₹72 लाख स्मार्ट लॉजिस्टिक्स एप्लीकेशन के दूसरे चरण के कार्यान्वयन पर। खर्च होंगे, जिससे कंपनी की तकनीकी दक्षता और सेवा वितरण में सुधार होगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

जयेश लॉजिस्टिक्स का व्यापार मॉडल

मई 2011 में स्थापित, जयेश लॉजिस्टिक्स भारत और पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, भूटान और बांग्लादेश में व्यापक लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है और कंपनी सामानों की आवाजाही, बंदरगाहों पर सामान को उतारने-चढ़ाने, वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करती है। इसकी सेवाओं में शिपमेंट्स की रियल टाइम ट्रैकिंग भी शामिल है, जिससे ग्राहकों को पारदर्शिता और दक्षता मिलती है। यह कंपनी अपने ग्राहकों को एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करके आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जयेश लॉजिस्टिक्स ने पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹1 और 09 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर ₹3. 16 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹7. 20 करोड़ तक पहुंच गया। इस अवधि के दौरान, कंपनी की कुल आय सालाना 36% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹112. 03 करोड़ हो गई, जो इसकी परिचालन दक्षता और बाजार में बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में भी कंपनी ने ₹2. 02 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹25. 25 करोड़ की कुल आय हासिल की है। जून 2025 तिमाही के अंत में, कंपनी पर ₹29. 65 करोड़ का कर्ज था, जबकि इसके रिजर्व और सरप्लस में ₹13. 01 करोड़ पड़े थे, जो इसकी वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

बाजार की परिस्थितियां और भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रे मार्केट प्रीमियम के संकेतों के बजाय, लिस्टिंग के दिन बाजार की। परिस्थितियां और कंपनी की अपनी कारोबारी स्थिति ही शेयरों के प्रदर्शन को निर्धारित करती है। जयेश लॉजिस्टिक्स के मामले में, मजबूत सब्सक्रिप्शन और वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद, बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों ने लिस्टिंग को प्रभावित किया। हालांकि, कंपनी का मजबूत व्यापार मॉडल, पड़ोसी देशों में इसकी उपस्थिति और लगातार बढ़ता वित्तीय प्रदर्शन भविष्य में इसके शेयरों के लिए बेहतर संभावनाएं प्रदान कर सकता है। निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से कंपनी के मूलभूत सिद्धांतों पर विचार करना चाहिए।

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