NEET UG रिजल्ट पर सवाल! आंसरशीट में 522 अंक, स्कोरकार्ड में सिर्फ 95, बीड के छात्र का बड़ा आरोप

महाराष्ट्र के बीड में नीट यूजी रिजल्ट को लेकर विवाद। छात्र सोहम गवते का दावा है कि आंसरशीट में 522 अंक थे लेकिन स्कोरकार्ड में सिर्फ 95 मिले।

Jul 19, 2026 - 08:35
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NEET UG रिजल्ट पर सवाल! आंसरशीट में 522 अंक, स्कोरकार्ड में सिर्फ 95, बीड के छात्र का बड़ा आरोप

नीट यूजी 2026 का परिणाम एक बार फिर से बड़े विवादों और चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। महाराष्ट्र के बीड जिले से सामने आए एक मामले ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीड के कुछ छात्रों ने अपनी आंसरशीट के आधार पर अपेक्षित अंकों और आधिकारिक स्कोरकार्ड में दर्शाए गए अंकों के बीच एक बहुत बड़े अंतर का आरोप लगाया है। इस मामले में सबसे प्रमुख नाम सोहम गवते का है, जो बीड का रहने वाला छात्र है। सोहम का दावा है कि जब उसने आधिकारिक आंसर की से अपनी आंसरशीट का मिलान किया था, तो उसके 522 अंक बन रहे थे। हालांकि, जब एनटीए ने अंतिम स्कोरकार्ड जारी किया, तो उसमें उसे केवल 95 अंक दिए गए हैं। अंकों में आए इस भारी अंतर ने सोहम और उसके जैसे कई अन्य छात्रों को हैरान कर दिया है।

परिवार में सदमे का माहौल और भविष्य की चिंता

इस अप्रत्याशित और चौंकाने वाले परिणाम के बाद सोहम का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। साल भर की कड़ी मेहनत और दिन-रात की पढ़ाई के बाद जब इस तरह का परिणाम सामने आता है, तो वह किसी भी छात्र के लिए मानसिक रूप से तोड़ देने वाला होता है। सोहम के पिता अपने बेटे के भविष्य को लेकर इतने चिंतित और दुखी थे कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनका कहना है कि अगर देश की इतनी बड़ी परीक्षा के नतीजों में इस तरह की गड़बड़ी होती है, तो इससे होनहार छात्रों का भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो सकता है। सोहम की मां ने भी अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उनके बेटे के लिए इस सदमे को बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो गया था और उसे इस मानसिक स्थिति से बाहर निकालना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

एनटीए से जांच की मांग और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

अंकों के इस कथित अंतर को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को इस मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि वास्तविकता सबके सामने आ सके। उन्होंने मांग की है कि एनटीए यह स्पष्ट करे कि आंसरशीट और स्कोरकार्ड के बीच इतना बड़ा फासला कैसे संभव है। अभिभावकों ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर रिजल्ट में आवश्यक सुधार नहीं किया गया और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो वे इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से इस विशिष्ट मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन सभी की निगाहें अब एनटीए के अगले कदम पर टिकी हैं।

नीट यूजी परीक्षा परिणाम के मुख्य आंकड़े

विवादों के बीच, एनटीए ने गुरुवार की देर रात नीट यूजी री-एग्जाम का परिणाम घोषित किया था। आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा में कुल 11 लाख 21 हजार उम्मीदवार सफल हुए हैं। सफल होने वाले उम्मीदवारों में महिलाओं का दबदबा देखने को मिला है, जिनकी संख्या कुल पास उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक है। टॉपर्स की बात करें तो पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया है। इन दोनों ही छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा, 19 उम्मीदवारों ने 700 या उससे अधिक अंक हासिल करने में सफलता पाई है, जबकि 1492 उम्मीदवारों ने कम से कम 650 अंक प्राप्त किए हैं, जो परीक्षा के उच्च प्रतिस्पर्धा स्तर को दर्शाता है।

री-एग्जाम का आयोजन और पृष्ठभूमि

नीट यूजी 2026 की यह पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में स्थित कुल 5440 केंद्रों पर संपन्न हुई थी। इस री-एग्जाम में लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को आयोजित की गई परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। उस समय भी 20 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी थी। पेपर लीक के विवाद के बाद छात्रों के हितों की रक्षा के लिए एनटीए ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया था, लेकिन अब रिजल्ट आने के बाद अंकों की विसंगति के नए आरोपों ने एक बार फिर परीक्षा की शुचिता और प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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