सोने की कीमतों में भारी उछाल: दिल्ली में 3400 रुपये की बढ़त के साथ 6 दिनों की गिरावट थमी

दिल्ली में 6 दिनों की गिरावट के बाद सोने में 3400 रुपये और चांदी में 5000 रुपये का बड़ा उछाल आया है। जानें क्या हैं इस तेजी के मुख्य कारण और विशेषज्ञों की राय।

Sep 3, 2026 - 21:35
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सोने की कीमतों में भारी उछाल: दिल्ली में 3400 रुपये की बढ़त के साथ 6 दिनों की गिरावट थमी

देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली है। पिछले लगातार 6 दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया और सोने की कीमतों में 3400 रुपये प्रति दस ग्राम का एक बड़ा उछाल दर्ज किया गया। इस तेजी का असर केवल सोने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि चांदी की कीमतों में भी 5000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़त देखी गई। बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आए बदलावों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों ने इस तेजी को हवा दी है। पिछले एक हफ्ते से निवेशक कीमतों में आ रही गिरावट से चिंतित थे लेकिन गुरुवार की इस रिकवरी ने बाजार में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है।

दिल्ली में सोने और चांदी के ताजा भाव

9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार के 1 लाख 56 हजार 100 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव से बढ़कर अब 1 लाख 59 हजार 500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। इस तरह एक ही दिन में सोने के दाम में 3400 रुपये की वृद्धि हुई है। इस कीमत में सभी प्रकार के कर शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी आई है। चांदी का भाव 5000 रुपये बढ़कर 2 लाख 40 हजार 500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2 लाख 35 हजार 500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बाजार में आई इस अचानक तेजी ने खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया है।

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने इस बाजार बदलाव पर अपनी राय साझा की है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड यानी बॉन्ड पर मिलने वाले रिटर्न में हालिया ऊंचे स्तरों से गिरावट आई है जिसके कारण सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली है और जब ट्रेजरी यील्ड कम होती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी नए जियो पॉलिटिकल टेंशन्स यानी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग लगातार बनी हुई है। इन वैश्विक परिस्थितियों ने कीमती धातुओं को निचले स्तरों से ऊपर उठाने में मदद की है।

विशेषज्ञों का विश्लेषण और अमेरिकी डेटा का प्रभाव

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटीज़ सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि यह रिकवरी अमेरिकी मौद्रिक नीति की उम्मीदों में आए बदलाव के प्रति सोने की संवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने विस्तार से बताया कि अमेरिका में निजी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं जिसने फेडरल रिजर्व के सख्त रुख यानी हॉकिश नैरेटिव को चुनौती दी है। कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण डॉलर इंडेक्स और ट्रेजरी यील्ड नीचे आ गए जिससे सोने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली। गांधी के अनुसार बाजार अब इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर अपने रुख में नरमी लाएगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं के दाम में अच्छी बढ़त देखी गई है। स्पॉट गोल्ड यानी हाजिर सोना 55 डॉलर 76 सेंट या 1 पॉइंट 27 प्रतिशत बढ़कर 4443 डॉलर 93 सेंट प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में भी लगभग 1 प्रतिशत का उछाल आया और यह 65 डॉलर 77 सेंट प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने जानकारी दी कि सोना एक महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद अब रिकवर होकर 4440 डॉलर के करीब आ गया है। डॉलर के कमजोर होने से चांदी भी अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर आने में सफल रही है। ट्रेडर्स अब अमेरिका के महत्वपूर्ण लेबर मार्केट डेटा का इंतजार कर रहे हैं जो भविष्य की दिशा तय करेगा।

भविष्य का अनुमान

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। सौमिल गांधी ने चेतावनी दी है कि लेबर मार्केट के डेटा आने तक कीमती धातुओं के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अनिश्चित बना रह सकता है। यदि रोजगार के आंकड़े और भी कमजोर आते हैं तो डॉलर में गिरावट बढ़ सकती है जिससे सोने को और अधिक सपोर्ट मिलेगा। इसके विपरीत यदि डेटा मजबूत आता है या फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त संकेत मिलते हैं तो ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें फिर से जाग सकती हैं जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल दिल्ली के बाजार में आई 3400 रुपये की यह तेजी निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है।

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