अमेरिका और इजरायल का ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हमला

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन केंद्र पर शनिवार को हवाई हमला किया। हमले में किसी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं है।

Mar 21, 2026 - 19:35
 0  3
अमेरिका और इजरायल का ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हमला

अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के नतान्ज स्थित मुख्य परमाणु संवर्धन सुविधा केंद्र पर एक बड़ा हवाई हमला किया है। ईरानी राज्य मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, यह हमला शनिवार की सुबह हुआ, जिसके बाद संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में धमाकों की तेज आवाजें सुनी गईं और यह तीसरी बार है जब इन दोनों देशों ने संयुक्त रूप से इस रणनीतिक केंद्र को निशाना बनाया है। अलजजीरा की रिपोर्टों में इस हमले की पुष्टि की गई है और बताया गया है कि हमले की तीव्रता काफी अधिक थी। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी भी प्रकार के रेडियोधर्मी रिसाव की संभावना से इनकार किया गया है।

ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि नतान्ज परमाणु संवर्धन सुविधा पर यह हमला शनिवार तड़के किया गया और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हमले से संयंत्र के भीतर मौजूद रेडियोधर्मी सामग्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही वातावरण में किसी प्रकार का विकिरण फैला है। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए किसी भी तत्काल खतरे की संभावना को खारिज कर दिया है और यह केंद्र तेहरान से लगभग 220km दक्षिण-पूर्व में स्थित है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

हमले की तीव्रता और नतान्ज केंद्र की सुरक्षा स्थिति

शनिवार को हुए इस हमले के दौरान नतान्ज परमाणु केंद्र के आसपास के निवासियों ने कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनीं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हमले का मुख्य उद्देश्य संवर्धन सुविधा के तकनीकी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन (AEOI) ने एक बयान जारी कर कहा कि नतान्ज में 'शहीद अहमदी रोशन' संवर्धन सुविधा को निशाना बनाया गया है। संगठन ने इसे अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई एक 'अपराधपूर्ण कार्रवाई' करार दिया है। सुरक्षा बलों ने हमले के तुरंत बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और तकनीकी टीमों ने संयंत्र के भीतर सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।

रेडियोधर्मी रिसाव और पर्यावरणीय प्रभाव की जांच

हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता रेडियोधर्मी विकिरण को लेकर थी। हालांकि, ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि संयंत्र के भीतर सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय थीं और रेडियोधर्मी सामग्री पूरी तरह सुरक्षित है। रिपोर्टों के अनुसार, संयंत्र के बाहर विकिरण के स्तर में कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि परिसर में मौजूद संवेदनशील उपकरणों और यूरेनियम संवर्धन इकाइयों को हमले से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए गए थे और स्थानीय निवासियों को सूचित किया गया है कि स्थिति नियंत्रण में है और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन और ईरान का आधिकारिक रुख

ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रतिबद्धताओं का खुला उल्लंघन बताया है और ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि (NPT) और अन्य अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा नियमों के विरुद्ध है। ईरान ने तर्क दिया है कि किसी भी देश की संप्रभु परमाणु सुविधा पर हमला करना वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। अधिकारियों ने कहा कि यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है। ईरान ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने और अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

IAEA को सूचना और अंतरराष्ट्रीय निगरानी

हमले के तुरंत बाद, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है और रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने आईएईए को बताया कि नतान्ज संयंत्र पर हमला हुआ है लेकिन विकिरण के स्तर में कोई बदलाव नहीं आया है। आईएईए ने इस रिपोर्ट की प्राप्ति की पुष्टि की है और कहा है कि वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। एजेंसी के निरीक्षक नियमित रूप से ईरानी परमाणु केंद्रों का दौरा करते हैं, और इस हमले के बाद संयंत्र की तकनीकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक विस्तृत जांच की जा सकती है।

क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य गतिविधियों का विस्तार

यह हमला ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हुआ है। पिछले तीन हफ्तों से जारी इस युद्ध में नतान्ज केंद्र को पहले भी निशाना बनाया गया था। इजरायल ने दावा किया है कि ईरान ने शनिवार सुबह भी उस पर मिसाइलें दागना जारी रखा और इसी बीच, सऊदी अरब ने भी जानकारी दी है कि उसने अपने पूर्वी क्षेत्रों में, जहां प्रमुख तेल प्रतिष्ठान स्थित हैं, पिछले कुछ घंटों में लगभग 20drones मार गिराए हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow