पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, ईद की शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बात कर ईद की बधाई दी और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की।

Mar 21, 2026 - 19:35
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पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, ईद की शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर मसूद पेज़ेश्कियन के साथ टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईद-उल-फितर और नवरोज के पावन अवसरों पर शुभकामनाएं साझा करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संवाद की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह त्योहारों का मौसम क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।

राजनयिक संवाद और त्योहारों की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच हुई इस बातचीत में सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति और वहां की जनता को ईद और नवरोज की बधाई दी और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध अत्यंत गहरे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि त्योहारों का यह समय न केवल आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है, बल्कि कठिन समय में शांति की आशा भी जगाता है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बुनियादी ढांचे पर हमलों और क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हाल ही में हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (Global Supply Chains) को भी बुरी तरह बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में मानवीय संकट गहरा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति बहाली की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता

क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) की रक्षा करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा के समान हैं, और इनमें किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति से इस दिशा में सहयोग की अपेक्षा की ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहयोग

प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे और वहां से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन की सराहना की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, युद्ध की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि ईरान में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और दोनों देशों के बीच इस संबंध में समन्वय बना रहेगा।

क्षेत्रीय संघर्ष और युद्ध की पृष्ठभूमि

यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और घटनाक्रम के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान पर हवाई हमलों की श्रृंखला शुरू की थी। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों के मारे जाने की खबरें आई थीं। इसके बाद से ही क्षेत्र में तनाव चरम पर है और यह संघर्ष अब एक पूर्ण पैमाने के युद्ध का रूप ले चुका है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी तटस्थ और शांतिपूर्ण नीति के तहत नजर बनाए हुए है।

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