ईरान के साथ जंग में अमेरिका ने खर्च किए 37 अरब 50 करोड़ डॉलर, युद्ध मंत्री का खुलासा

अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध में 37 अरब 50 करोड़ डॉलर खर्च हुए हैं, जबकि 11वीं रात भी हमले जारी रहे।

Jul 22, 2026 - 09:35
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ईरान के साथ जंग में अमेरिका ने खर्च किए 37 अरब 50 करोड़ डॉलर, युद्ध मंत्री का खुलासा

मध्य पूर्व के अशांत क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान जिसे सेंटकॉम के नाम से जाना जाता है ने इस युद्ध के ताजा घटनाक्रमों की जानकारी साझा की है। सेंटकॉम के अनुसार अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से ईरान पर लगातार 11वीं रात भी हमले जारी रखे। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और अमेरिका यहां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है।

सैन्य ठिकानों और ड्रोन केंद्रों पर प्रहार

अमेरिकी सेना द्वारा किए गए इन ताजा हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान की युद्धक क्षमताओं को नष्ट करना था। सैन्य अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में विशेष रूप से ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स यानी ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इन ठिकानों पर किए गए सटीक हमलों से ईरान की हवाई निगरानी और हमलावर क्षमता को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सेना का मानना है कि इन ड्रोन केंद्रों को नष्ट करना क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य था क्योंकि ईरान इन्हीं के माध्यम से अमेरिकी हितों को चुनौती दे रहा था।

युद्ध की भारी-भरकम लागत का विवरण

सैन्य मोर्चे पर जारी कार्रवाई के बीच अब इस युद्ध पर होने वाले विशाल खर्च का आंकड़ा भी सामने आ गया है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ को मंगलवार को ईरान के साथ जारी इस सैन्य संघर्ष को लेकर कड़े सवालों और विरोध का सामना करना पड़ा। संसद में चर्चा के दौरान उन्होंने इस युद्ध की वित्तीय लागत का एक आधिकारिक अनुमान पेश किया और पीट हेगसेथ के आंकड़ों के अनुसार इस युद्ध पर अमेरिका अब तक 37 अरब 50 करोड़ डॉलर की भारी राशि खर्च कर चुका है। यह खुलासा अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहा है क्योंकि युद्ध की यह लागत लगातार बढ़ती जा रही है।

आगामी बजट और 95 अरब डॉलर का पैकेज

युद्ध की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन अब और अधिक फंड जुटाने की तैयारी में है। रिपब्लिकन पार्टी वर्तमान में सेना की मजबूती और व्हाइट हाउस की अन्य रणनीतिक प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए 95 अरब डॉलर का एक विशाल पैकेज तैयार कर रही है। इस 95 अरब डॉलर के फंड का उपयोग न केवल वर्तमान सैन्य अभियानों के लिए किया जाएगा बल्कि इसे भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी आरक्षित रखा जाएगा। यह कदम दर्शाता है कि अमेरिका इस संघर्ष में लंबे समय तक टिके रहने की तैयारी कर चुका है।

राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा रुख और वार्ता से इनकार

राजनयिक स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपना रुख और भी सख्त कर लिया है। उन्होंने ईरान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावना को फिलहाल पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय बातचीत शुरू करने के लिए बहुत बेकरार है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान सार्थक और ठोस तरीके से बातचीत के लिए आगे नहीं आता तब तक अमेरिका को किसी भी प्रकार की बैठक या वार्ता में कोई दिलचस्पी नहीं है।

ईरान को हो रहे नुकसान पर राष्ट्रपति का बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की आंतरिक और सैन्य स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण ईरान को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान को हो रही इसी भारी क्षति के कारण वहां की सरकार अब इस जंग को किसी भी तरह खत्म करने की कोशिश कर रही है और राष्ट्रपति के अनुसार अमेरिका का दबाव काम कर रहा है और ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपनी शर्तों पर ही किसी समझौते पर विचार करेगा और तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

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