लाशों पर राजनीति मत करिए राहुल गांधी: गुलजार सिंह मौत मामले में सीएम मान और केजरीवाल का पलटवार

राहुल गांधी और भगवंत मान के बीच गुलजार सिंह की मौत पर छिड़ी जंग। गांधी ने प्रताड़ना का आरोप लगाया, तो मान ने लाशों पर राजनीति न करने की सलाह दी।

Sep 9, 2026 - 15:35
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लाशों पर राजनीति मत करिए राहुल गांधी: गुलजार सिंह मौत मामले में सीएम मान और केजरीवाल का पलटवार

पंजाब की सियासत में उस समय भारी उबाल आ गया जब कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई। यह पूरा विवाद संगरूर जिले के तूरबंजारा गांव के निवासी गुलजार सिंह की दुखद मौत को लेकर शुरू हुआ है। राहुल गांधी ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में आलोचना की आवाज को दबाने के लिए धमकियों और प्रताड़ना का सहारा लिया जा रहा है। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी को कड़ी नसीहत दी है कि वे किसी की मौत पर गंदी राजनीति करना बंद करें।

गुलजार सिंह की मौत और पूरा घटनाक्रम

इस पूरे विवाद की जड़ तूरबंजारा गांव की एक घटना में छिपी है। गुलजार सिंह, जो दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे और जिन्होंने अपने बेटे को नशे की लत के कारण खो दिया था, उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की एक जनसभा में हिस्सा लिया था। वहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से मंत्री से सवाल किया कि गांव में खुलेआम बिक रहे नशे को रोकने में सरकार इतनी बुरी तरह विफल क्यों है। आरोप है कि इस सवाल के बाद गुलजार सिंह को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। बताया जा रहा है कि गांव के पंच और सरपंच ने उनके घर जाकर उन पर माफी मांगने का भारी दबाव बनाया। इस अपमान और प्रताड़ना से आहत होकर गुलजार सिंह ने जहर खा लिया। अपनी मौत से पहले उन्होंने एक वीडियो भी बनाया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री से सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया। जहर खाने के बाद उन्हें कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन इलाज के अभाव में उन्होंने दम तोड़ दिया।

राहुल गांधी के गंभीर आरोप और इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए आप सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में एक खतरनाक पैटर्न विकसित हो रहा है, जहां सरकार की नाकामी पर सवाल पूछने वालों को प्रताड़ना और धमकियां दी जाती हैं। गांधी ने कहा कि गुलजार सिंह ने सिर्फ अपने हक का सवाल पूछा था, जिसके बदले उन्हें मौत के गले लगना पड़ा। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि पिछले हफ्ते उन्होंने मोहनजीत सिंह नाम के एक अन्य युवक से बात की थी, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया था। राहुल गांधी ने मांग की कि मुख्यमंत्री को तत्काल वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेना चाहिए और इस मामले की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करनी चाहिए जिसमें मंत्री का नाम भी एफआईआर में शामिल हो।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का तीखा पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में पीड़ित के गांव पहुंचे कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों के बीच झड़प होती दिख रही है। मान ने दावा किया कि जब कांग्रेस नेता वहां राजनीति करने पहुंचे, तो लोगों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। मान ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाबी इस तरह की लाशों वाली राजनीति पसंद नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने गुलजार सिंह के परिवार की निशानदेही पर 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही मान ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब में नशा फैलाने के लिए अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारें जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और उन्हें हिरासत में ले लिया है। हालांकि, विपक्षी दल अभी भी शांत नहीं हैं और वे लगातार वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और यह मामला अब पंजाब में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जहां एक तरफ कांग्रेस इसे मानवाधिकारों और दलितों के उत्पीड़न से जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इसे विपक्ष की हताशा और लाशों पर की जाने वाली राजनीति करार दे रही है। राज्य में नशे के मुद्दे पर छिड़ी यह बहस अब और भी गहरा गई है।

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