खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण पर FIR, बेंगलुरु पुलिस ने BJP नेताओं के खिलाफ दर्ज की शिकायत

बेंगलुरु पुलिस ने मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण करने पर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है।

Sep 5, 2026 - 09:35
 0  0
खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण पर FIR, बेंगलुरु पुलिस ने BJP नेताओं के खिलाफ दर्ज की शिकायत

बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई सदस्यों और पदाधिकारियों के खिलाफ एक जीरो एफआईआर दर्ज की है। यह मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान से जुड़ा है। पुलिस ने यह कार्रवाई शुक्रवार 4 सितंबर को की है। आर. रामप्पा द्वारा 31 अगस्त को दी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

घटना का विवरण और विवाद की जड़

शिकायत में दी गई जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक विशाल सार्वजनिक रैली को संबोधित किया था। इसके ठीक दो दिन बाद, 10 अगस्त को भाजपा के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उसी स्थान पर जाकर शुद्धिकरण का अनुष्ठान किया। आर. रामप्पा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह कार्य जानबूझकर जातिवादी सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस अनुष्ठान के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मल्लिकार्जुन खरगे, जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, उनकी उपस्थिति के कारण वह मैदान अपवित्र हो गया था।

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष पर आरोप

इस मामले में दर्ज की गई शिकायत में उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। आरोप है कि महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस शुद्धिकरण कार्यक्रम का न केवल बचाव किया, बल्कि इसका समर्थन भी किया। इसी आधार पर बेंगलुरु की विधान सौध पुलिस ने महेंद्र भट्ट और पार्टी के अन्य सदस्यों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 31 अगस्त को मिली लिखित शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद ही 4 सितंबर को यह मामला दर्ज किया गया है।

कानूनी धाराएं और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में कई गंभीर कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसमें नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(1)(c), 7(1)(d) और 7(1) शामिल हैं। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(u) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196(1)(b) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।

राहुल गांधी का भाजपा और आरएसएस पर हमला

इस विवाद पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए इस शुद्धिकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और उन्होंने दोषियों के खिलाफ एससी और एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा था कि समाज में हर कदम पर दलितों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने इस घटना को उसी भेदभावपूर्ण मानसिकता का हिस्सा बताया। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमाया हुआ है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow