झालावाड़ में आदिवासी समाज का प्रदर्शन: कंवर लाल और नरेश मीणा की रिहाई की मांग

झालावाड़ में आदिवासी समाज ने कंवर लाल मीणा और नरेश मीणा की रिहाई के लिए प्रदर्शन किया और सरकार को आंदोलन का अल्टीमेटम दिया।

Aug 20, 2026 - 21:35
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झालावाड़ में आदिवासी समाज का प्रदर्शन: कंवर लाल और नरेश मीणा की रिहाई की मांग

झालावाड़ में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए दो प्रमुख नेताओं, कंवर लाल मीणा और नरेश मीणा की जेल से रिहाई की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। गुरुवार को आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग झालावाड़ के मिनी सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के माध्यम से समाज ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट किया कि वे अपने नेताओं के साथ हो रहे कथित अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन के समापन पर समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोनों नेताओं के मामलों में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है।

पूर्व विधायक कंवर लाल मीणा की दया याचिका पर शीघ्र निर्णय की मांग

समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे नवल मीणा ने पूर्व विधायक और भाजपा नेता कंवर लाल मीणा के मामले पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंवर लाल मीणा लगभग 25 साल पुराने एक कानूनी मामले में वर्तमान में जेल में बंद हैं। नवल मीणा ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद, कंवर लाल मीणा अपनी 19 माह की सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन उनकी दया याचिका पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ज्ञापन में उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक करियर का उल्लेख किया गया है और बताया गया है कि उन्होंने हमेशा आदिवासी हितों की रक्षा के लिए काम किया है। समाज ने मांग की है कि उनकी दया याचिका पर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें रिहा किया जाए।

नरेश मीणा की गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक द्वेष का परिणाम

मीणा समाज सेवा समिति के भरत मीणा ने नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इन कानूनी कार्रवाइयों को पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। भरत मीणा ने स्पष्ट किया कि मनोहरथाना क्षेत्र के पिपलोद में हुए स्कूल बस हादसे के बाद, नरेश मीणा केवल पीड़ित परिवारों की मदद करने और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि नरेश मीणा का इरादा किसी को शारीरिक चोट पहुंचाना या कानून-व्यवस्था को भंग करना बिल्कुल नहीं था। समाज ने राज्यपाल से मांग की है कि नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सरकार को अल्टीमेटम और प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

आदिवासी समाज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर आदिवासी नेताओं और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। समाज के नेताओं ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि कंवर लाल मीणा और नरेश मीणा के मामलों में जल्द ही कोई सकारात्मक और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन केवल झालावाड़ तक सीमित नहीं रहेगा और उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। हालांकि वर्तमान में समाज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही है, लेकिन कुछ प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वे भविष्य में रास्ता जाम करने और अनिश्चितकालीन धरने जैसे कड़े कदम उठाने की भी बात कर रहे हैं। अब पूरे समाज की नजरें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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