ट्रंप ने शी जिनपिंग को बताया शानदार दोस्त, चीनी राष्ट्रपति बोले टकराव से बचें
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग का स्वागत किया और उन्हें शानदार दोस्त बताया। जिनपिंग ने टकराव से बचने और एआई पर नियंत्रण की बात कही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन के लिए व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग को एक शानदार दोस्त बताया और उनके बीच विकसित हुई गहरी दोस्ती की सराहना की। यह मुलाकात इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि शी जिनपिंग 11 साल बाद अमेरिका की धरती पर पहुंचे हैं। व्हाइट हाउस में हुई इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमने एक अच्छी और मजबूत फ्रेंडशिप कायम की है। ट्रंप ने इस बात पर खुशी जताई कि दोनों नेताओं ने मिलकर कई जटिल मुद्दों पर महत्वपूर्ण प्रोग्रेस की है, जो भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में सुधार
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों पर केंद्रित रहा। ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिका और चीन ने मिलकर एक बोर्ड ऑफ ट्रेड बनाया है, जो अब तक काफी सफल रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन मिलकर एक संतुलित बिजनेस रिलेशन पर काम कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से अमेरिकी किसानों और पशुपालकों को चीन के रूप में एक नया और बड़ा बाजार मिलेगा। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी आर्थिक सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि चीन के दरवाज़े पूरी दुनिया के लिए खुले हैं। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को आमंत्रित किया और कहा कि उनका चीन में निवेश करने के लिए हमेशा स्वागत है।
टकराव से बचने और संवाद पर जोर
शिखर सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग ने वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को आपसी टकराव और आमना-सामना करने वाली स्थितियों से हमेशा बचना चाहिए और जिनपिंग के अनुसार, चीन और अमेरिका दो बड़े देशों के तौर पर मानवीय विकास और दुनिया की तरक्की को आगे बढ़ाने की एक बड़ी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें आपसी बातचीत और संवाद को और अधिक मज़बूत करना चाहिए ताकि किसी भी गलतफहमी को दूर किया जा सके। पिछले साल सत्ता में लौटने के बाद से शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच यह 3 बार की मुलाकात हो चुकी है, जो दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद को दर्शाती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पांडा डिप्लोमेसी
तकनीक के भविष्य पर चर्चा करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि यह चीन और अमेरिका की साझा ज़िम्मेदारी है कि वे यह पक्का करें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI हमेशा इंसानों के कंट्रोल में रहे। यह बयान भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके अलावा, दोस्ती के प्रतीक के रूप में शी जिनपिंग ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि चीन अटलांटा के एक चिड़ियाघर में 2 पांडा भेजेगा। उन्होंने इन पांडा को दोस्ती का दूत बताया, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को जोड़ने का काम करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की एक कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप ने तोड़ा प्रोटोकॉल
इस दौरे की एक और खास बात यह रही कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग के सम्मान में कूटनीतिक प्रोटोकॉल को किनारे रख दिया और ट्रंप खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पहुंचे और वहां शी जिनपिंग का स्वागत किया। आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी मेहमानों का स्वागत व्हाइट हाउस में ही करते हैं, लेकिन यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने किसी विदेशी नेता को रिसीव करने के लिए प्रोटोकॉल तोड़ा है। इससे पहले उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अमेरिका पहुंचने पर ऐसा किया था और एयरपोर्ट पर ट्रंप द्वारा किया गया यह गर्मजोशी भरा स्वागत शी जिनपिंग के प्रति उनके विशेष सम्मान और इस दौरे की अहमियत को दर्शाता है।
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