पचपदरा रिफाइनरी आग: HPCL ने बताया कितना हुआ नुकसान, जानें कब शुरू होगी यूनिट
पचपदरा रिफाइनरी में आग के बाद HPCL ने नुकसान और बहाली की रिपोर्ट दी है। जानें कब शुरू होगा उत्पादन और क्या है प्रोजेक्ट की लागत।
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना के चार दिन बाद भी सियासी घमासान जारी है। इस दुर्घटना के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अब इस घटना से हुए नुकसान और यूनिट को दोबारा शुरू करने की समयसीमा को लेकर आधिकारिक अपडेट साझा किया है। वर्तमान में रिफाइनरी में आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
आग से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन
HPCL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि 20 अप्रैल को हुई आग की घटना के बाद किए गए प्रारंभिक आकलन में पाया गया है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित थी। इस घटना में केवल 6 एक्सचेंजर और उनसे संबंधित सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नुकसान का दायरा सीमित है और बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है।
गैस रिसाव का कारण और बहाली की प्रक्रिया
जांच के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव होने की आशंका जताई गई है और रिस्टोरेशन का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और इसके अगले 3-4 सप्ताह में पूरा होने की संभावना है। क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू किए जाने की अपेक्षा है। अन्य सहायक इकाइयाँ अपनी योजना के अनुसार कमीशनिंग के उन्नत चरण में हैं।
परियोजना की लागत और उत्पादन लक्ष्य
रिफाइनरी से मुख्य उत्पादों जैसे एलपीजी (LPG), एमएस (MS), एचएसडी (HSD) और नेफ्था (Naphtha) का परीक्षणात्मक उत्पादन मई 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद इकाइयों को स्थिर और पूरी तरह कमीशन किया जाएगा। राजस्थान रिफाइनरी को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 79,459 करोड़ रुपये है।
यह परियोजना क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है और शुरुआत में 37,000 करोड़ की लागत वाली इस रिफाइनरी का साल 2013 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिलान्यास किया था, जो अब बढ़कर लगभग 79,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
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