राजस्थान में 208KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: 4 घंटे का सफर अब 2 घंटे में

राजस्थान में 208 किमी लंबे कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू। ₹6,000 करोड़ की लागत से यात्रा समय होगा आधा।

Apr 14, 2026 - 20:35
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राजस्थान में 208KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: 4 घंटे का सफर अब 2 घंटे में

राजस्थान में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कोटपूतली से किशनगढ़ तक 208 किमी लंबे प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद कोटपूतली और किशनगढ़ के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 4 घंटे से घटकर मात्र 2 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए बल्कि दिल्ली से अजमेर की यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी समय की बड़ी बचत सुनिश्चित करेगा।

₹6,000 करोड़ की लागत और तकनीकी विवरण

इस फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना पर ₹6,000 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। यह मार्ग कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना के डिजाइन के अनुसार, इस पूरे मार्ग पर 95 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा ताकि यातायात निर्बाध रूप से चलता रहे। इसके अलावा, विभिन्न स्थानों पर 9 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के क्षेत्रों के वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर आने-जाने में सुविधा होगी।

भूमि अधिग्रहण और जनसुनवाई की प्रक्रिया

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (आरएसआरडीसी) द्वारा ग्रामीणों की आपत्तियों को सुनने और समाधान करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर 11 अप्रैल से शुरू होकर 16 अप्रैल तक चलेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।

यातायात सुरक्षा और प्रतिबंध

एक्सप्रेस-वे पर उच्च गति वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं। दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से इस मार्ग पर दुपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल भारी और मध्यम श्रेणी के चार पहिया वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रत्येक एक से दो किलोमीटर की दूरी पर अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि वे बिना किसी जोखिम के सड़क पार कर सकें।

प्रभावित क्षेत्र और किसानों की चिंताएं

यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली क्षेत्र के 14 प्रमुख गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें गोनेडा, कालूहेड़ा, बनेटी, नरसिंहपुरा, अमरपुरा, रामनगर, चूरी, भोपतपुरा, कायमपुरा बांस, चिमनपुरा, अजीतपुरा खुर्द, चेचीका की नांगल, करवास और जयसिंहपुरा शामिल हैं। हालांकि, भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों में चिंता देखी जा रही है और किसानों का मुख्य सरोकार खेती योग्य भूमि के कम होने और मुआवजे की राशि को लेकर है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावितों को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रभाव

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दिल्ली-जयपुर और अजमेर राजमार्ग पर मौजूदा यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, बेहतर सड़क संपर्क से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और माल ढुलाई में लगने वाले समय और लागत में कमी आएगी। परियोजना अधिकारी दिनेश कुमार साहू के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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