राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मोहन भागवत ने तोड़ी चुप्पी, बोले- होसबाले के बयान से पूरी तरह सहमत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर दान चोरी मामले में दत्तात्रेय होसबाले के बयान का समर्थन किया है। जानें जांच और नए सुरक्षा नियमों के बारे में।

Jul 5, 2026 - 16:35
 0  0
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मोहन भागवत ने तोड़ी चुप्पी, बोले- होसबाले के बयान से पूरी तरह सहमत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और नागपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान भागवत ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा दिए गए बयान से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि होसबाले का बयान पढ़ लीजिए, मेरी भी वही राय है। इस समर्थन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि संघ का शीर्ष नेतृत्व इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।

आस्था पर आघात और सख्त सजा की मांग

इससे पहले शुक्रवार को दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की चोरी की घटना से राम भक्तों और पूरे हिंदू समाज की आस्था को बहुत गहरा धक्का लगा है और होसबाले ने जोर देकर कहा कि यह केवल धन की चोरी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हिंदू विरोधी साजिशों के प्रति चेतावनी

होसबाले ने अपने बयान में एक और महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने आगाह किया कि कुछ हिंदू विरोधी ताकतें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिंदू धर्म को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने हिंदू समाज से भावुक न होने और इस कठिन समय में धैर्य व शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और शांति ही ऐसी साजिशों को नाकाम करने का एकमात्र तरीका है और मोहन भागवत ने भी इन विचारों का समर्थन कर यह संदेश दिया है कि समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

सोमवार को ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक

दान चोरी की जांच के बीच, सोमवार को अयोध्या की मणि रामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में विशेष जांच दल (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वर्तमान में इस मामले की दो समानांतर जांचें चल रही हैं। पहली जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है, जिसका कार्यकाल जुलाई के आखिर तक बढ़ा दिया गया है और वहीं, दूसरी जांच स्थानीय पुलिस द्वारा संपन्न की जा रही है। ट्रस्ट की इस बैठक में जांच के निष्कर्षों और भविष्य की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

सुरक्षा और गिनती के लिए नए कड़े नियम

राम मंदिर प्रशासन ने दान की राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब और भी कड़े नियम लागू कर दिए हैं। जांच के आगे बढ़ने के साथ ही मंदिर परिसर में कई बदलाव किए गए हैं और अब दान की रकम की गिनती के लिए बेहतर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। गिनती वाले कमरों में आने-जाने पर अब पहले से कहीं अधिक सख्त नियंत्रण लागू है। यहां तक कि स्टाफ की हर गतिविधि, जैसे उनके बाथरूम जाने तक पर नजर रखी जा रही है। ये सभी उपाय मंदिर के दान में किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोकने के लिए किए गए हैं। जांचकर्ता वर्तमान में आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और उनकी संपत्तियों की भी गहनता से जांच कर रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow