रावतभाटा में आज शाम 6 बजे से मेगा मॉक ड्रिल: 5 मिनट का ब्लैकआउट और सायरन की गूंज

चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में आज शाम 6 से 8 बजे तक मेगा मॉक ड्रिल होगी। हवाई हमले और गैस रिसाव के अभ्यास के लिए रात 8 बजे 5 मिनट का ब्लैकआउट रहेगा।

Apr 22, 2026 - 08:35
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रावतभाटा में आज शाम 6 बजे से मेगा मॉक ड्रिल: 5 मिनट का ब्लैकआउट और सायरन की गूंज

परमाणु नगरी में सुरक्षा तैयारियों का महाभ्यास

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में चंबल नदी के तट पर स्थित रावतभाटा, जिसे देश की 'परमाणु नगरी' (Nuclear City) के रूप में जाना जाता है, आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास का गवाह बनेगा। बुधवार का दिन यहां के निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रशासन द्वारा शहर में 3 घंटे की एक मेगा मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित हवाई हमलों और गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना है। शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक पूरे शहर को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा, जिसके दौरान सुरक्षा एजेंसियां संकट के समय शहर की सुरक्षा और तैयारियों का बारीकी से परीक्षण करेंगी।

सायरन की गूंज और 5 मिनट का टोटल ब्लैकआउट

इस विशेष अभ्यास के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच हर घंटे सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन नागरिकों को अलर्ट करने और आपातकालीन स्थिति का आभास कराने के लिए बजाए जाएंगे। इस ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा रात 8 बजे आयोजित होगा। ठीक 8 बजे पूरे रावतभाटा शहर में 5 मिनट के लिए 'टोटल ब्लैकआउट' (Blackout) किया जाएगा। बिजली विभाग ने इस अभ्यास के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरान पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी ताकि हवाई हमले जैसी स्थिति में अंधेरे के माध्यम से शहर को सुरक्षित रखने का प्रभावी अभ्यास किया जा सके।

NDRF, SDRF और CISF की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर

सुरक्षा की दृष्टि से रावतभाटा के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों पर इस ड्रिल के दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें भारी पानी संयंत्र (Heavy Water Plant), एनटीसी गेट और राणा प्रताप सागर बांध शामिल हैं, जहां विशेष अभ्यास किए जाएंगे और सुरक्षा मोर्चे को संभालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और सीआईएसएफ (CISF) की टीमों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, तैयारियों को और अधिक पुख्ता करने के लिए कोटा से विशेष टीमें बुलाई गई हैं। ये टीमें गैस रिसाव से लेकर हवाई हमले तक के हर संभावित खतरे का गहन परीक्षण करेंगी।

आधुनिक सूचना तंत्र और मोबाइल अलर्ट मैसेज

प्रशासन ने इस ड्रिल के दौरान सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए आधुनिक तकनीक और सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया है। जैसे ही ड्रिल के दौरान आपातकाल (Emergency) की घोषणा होगी, बीएसएनएल (BSNL) के माध्यम से शहर के सभी मोबाइल उपभोक्ताओं को एक विशेष अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा। इस मेगा ड्रिल का मुख्य लक्ष्य सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाना और किसी भी आपात स्थिति के समय विभिन्न सरकारी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना है और प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से इस बड़े परीक्षण को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए पूर्ण सहयोग की अपील की है।

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