वैभव सूर्यवंशी ने फिटनेस के लिए छोड़ा मांसाहार, टी20 वर्ल्ड कप लक्ष्य

युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय सीनियर टीम और 2028 टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए अपनी डाइट में बड़ा बदलाव किया है।

Feb 20, 2026 - 08:35
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वैभव सूर्यवंशी ने फिटनेस के लिए छोड़ा मांसाहार, टी20 वर्ल्ड कप लक्ष्य

जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर को लेकर एक बड़ा अनुशासनात्मक फैसला लिया है। वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स के ट्रेनिंग कैंप में आईपीएल 2026 की तैयारियों में जुटे वैभव ने भारतीय सीनियर टीम की जर्सी पहनने के अपने सपने को साकार करने के लिए अपनी जीवनशैली और खान-पान में आमूलचूल परिवर्तन किया है। वैभव का प्राथमिक लक्ष्य न केवल घरेलू क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना है बल्कि 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह सुरक्षित करना है। इसके लिए उन्होंने अपनी फिटनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने पसंदीदा मांसाहारी भोजन का त्याग कर दिया है।

डाइट में बदलाव का मुख्य कारण: फिटनेस और भविष्य

वैभव सूर्यवंशी के इस निर्णय के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बढ़ती फिटनेस मांगें हैं। भारतीय सीनियर टीम में चयन के लिए वर्तमान में यो-यो टेस्ट और उच्च स्तर की शारीरिक दक्षता अनिवार्य है। वैभव के करीबियों के अनुसार उन्होंने महसूस किया कि एक एथलीट के रूप में लंबी अवधि तक खेलने और चोटों से बचने के लिए आहार पर नियंत्रण आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने मटन और चिकन जैसे भारी प्रोटीन स्रोतों को छोड़कर हल्का और सुपाच्य शाकाहारी भोजन अपना लिया है। यह निर्णय उनके करियर के उस मोड़ पर आया है जब वे 15 वर्ष की आयु पूरी करने के करीब हैं जिसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर टीम के लिए खेलने के पात्र हो जाएंगे।

पिता संजीव सूर्यवंशी का बयान: मटन-चिकन की जगह दाल-पनीर

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके बेटे ने फिटनेस के प्रति समर्पण दिखाते हुए मांसाहार से पूरी तरह तौबा कर ली है। संजीव सूर्यवंशी के अनुसार वैभव को मटन और चिकन बहुत पसंद था और वह इसे बड़े चाव से खाते थे। हालांकि जब लक्ष्य भारतीय टीम के लिए खेलना हो तो वैभव ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने स्वाद का त्याग कर दिया। अब वैभव के दैनिक आहार में दाल-चावल और पनीर की सब्जी मुख्य रूप से शामिल है। उनके पिता ने बताया कि वैभव अब पूरी तरह से शाकाहारी हो गए हैं और उनका ध्यान केवल इस बात पर है कि वे खुद को शारीरिक रूप से कितना बेहतर बना सकते हैं।

कोच मनीष ओझा की राय: आईपीएल 2026 के बाद संभावना

वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया है। कोच के अनुसार वैभव जिस तरह से राजस्थान रॉयल्स के कैंप में पसीना बहा रहे हैं और अपनी तकनीक पर काम कर रहे हैं उससे उनके सीनियर टीम में प्रवेश की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। मनीष ओझा ने दावा किया है कि आईपीएल 2026 के सत्र के बाद वैभव को भारत की टी20 टीम में मौका मिल सकता है। कोच का मानना है कि वैभव की बल्लेबाजी शैली आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के अनुरूप है और उनकी नई फिटनेस व्यवस्था उन्हें लंबे प्रारूपों में भी मदद करेगी।

आईसीसी के आयु नियम और सीनियर टीम की राह

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्यूनतम 15 वर्ष की आयु का होना अनिवार्य है। वैभव सूर्यवंशी जल्द ही इस आयु सीमा को पार कर लेंगे। वर्तमान में वे राजस्थान रॉयल्स के साथ अपनी तैयारियों को निखार रहे हैं ताकि आईपीएल के आगामी सत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर सकें। यदि वे आईपीएल 2026 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में सफल रहते हैं तो 2028 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए उनके नाम पर विचार किए जाने की संभावना बढ़ जाएगी।

राजस्थान रॉयल्स के साथ आगामी सत्र की तैयारियां

वैभव सूर्यवंशी फिलहाल राजस्थान रॉयल्स के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। यहां वे न केवल अपनी बल्लेबाजी की बारीकियों पर ध्यान दे रहे हैं बल्कि टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के मार्गदर्शन में अपनी नई डाइट योजना का पालन भी कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में उन्हें विश्व स्तरीय सुविधाएं और अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिल रहा है जो उनके मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है। वैभव का पूरा ध्यान अब आगामी घरेलू सत्र और आईपीएल पर केंद्रित है ताकि वे अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय सीनियर टीम के दरवाजे खटखटा सकें।

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