हरसिमरत कौर ने सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच मांगी, अमित शाह को लिखा पत्र
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुखबीर बादल पर हुए हमले की एनआईए जांच की मांग की है।
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर महाराष्ट्र के नांदेड़ में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की एनआईए जांच की मांग की है। हरसिमरत कौर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 2024 में भी सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि दो बार हत्या की कोशिश किया जाना बेहद चिंताजनक विषय है और इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि यह हमला किसी गहरी अंतर-राज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसकी गहन जांच होनी अनिवार्य है।
एनआईए जांच की मांग के पीछे के मुख्य कारण
हरसिमरत कौर बादल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने पत्र की तीन सबसे महत्वपूर्ण बातों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि दोनों हमले पवित्र गुरुघरों के भीतर तब हुए जब एक समर्पित सिख धार्मिक सेवा में लीन था। उन्होंने पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हरसिमरत कौर के अनुसार, दोनों हमलों के बीच एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता है, जिसके लिए प्रशासन को जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार हो रहे इन हमलों का मुख्य उद्देश्य पूरी दुनिया में पंजाब की छवि को खराब करना और सिख समुदाय को बदनाम करना प्रतीत होता है। इन हमलों की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने एनआईए से जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
नांदेड़ में हुई घटना का विवरण
यह घटना महाराष्ट्र के नांदेड़ के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के भीतर बीते गुरुवार को हुई थी। वहां निहंग समुदाय के एक सदस्य ने कृपाण से सुखबीर सिंह बादल पर हमला कर दिया था। इस हमले के दौरान सुखबीर बादल के दाहिने हाथ में चोटें आई थीं। हमले के तुरंत बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हरसिमरत कौर ने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने शनिवार को दिए अपने बयान में कहा कि इस हमले के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें सिख नहीं कहा जा सकता।
खन्ना में भावुक हुईं हरसिमरत कौर
पंजाब के खन्ना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल अपने पति पर हुए हमले का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। यह कार्यक्रम गोवा मुक्ति आंदोलन के नेता करनैल सिंह इसरू की याद में आयोजित किया गया था। वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटे उनके और उनके परिवार के लिए बहुत कठिन रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज इस कार्यक्रम में उन्हें नहीं बल्कि सुखबीर सिंह बादल को होना था, लेकिन उनके साथ जो हुआ उसके कारण वह नहीं आ सके। उन्होंने इस पूरी स्थिति को अत्यंत दुखद बताया।
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