कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका को SEM कोर्ट से मिली जमानत, तिहाड़ जेल से रिहाई का आदेश जारी
कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका को एसईएम कोर्ट ने जमानत दे दी है। जंतर मंतर पर बैरिकेड्स फांदने के मामले में वे तिहाड़ जेल में बंद थे।
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के लिए एक बहुत बड़ी कानूनी राहत की खबर सामने आई है। एसईएम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के इन दोनों नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत दे दी है। अदालत ने दोनों को तत्काल रिहा करने का आदेश भी जारी कर दिया है। इसके साथ ही दोनों नेताओं का रिलीज ऑर्डर भी आधिकारिक रूप से जारी हो चुका है, जिससे उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।
बीते आठ दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल के अंदर बंद थे। इन दोनों नेताओं को दो दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद आज अदालत में पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के इन दोनों नेताओं को तेरह अक्टूबर को अपनी हिरासत में लिया था और इन दोनों नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए थे कि वे राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को फांदकर प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर घुस गए थे।
घटना के तुरंत बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत चौदह अक्टूबर को अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और इसके बाद उन्नीस अक्टूबर को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि दो दिन के लिए और आगे बढ़ा दी गई थी। आज यानी बुधवार के दिन उनकी यह विस्तारित न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो रही थी। एसईएम कोर्ट ने आज आशुतोष रांका और सौरव दास के पूरे मामले की नए सिरे से सुनवाई की और दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों नेताओं को जमानत पर रिहा करने का स्पष्ट आदेश पारित किया। अदालत के इस आदेश के बाद दोनों का रिलीज ऑर्डर भी तुरंत जारी कर दिया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की तल्ख और महत्वपूर्ण टिप्पणियां
जमानत के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के इन दोनों नेताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था और वहां याचिका दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के ऊपर काफी तल्ख टिप्पणियां की थीं। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए बेहद दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कहा था कि आप लोग जेन-जी नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने औपचारिकता निभाते हुए दोनों नेताओं की सटीक उम्र के बारे में भी जानकारी मांगी थी। इस पर उनके बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि आशुतोष रांका की उम्र इकतीस साल है और सौरव दास सत्ताईस साल के युवा हैं। इस पर कानूनी चर्चा आगे बढ़ी।
हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने का निर्णय
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों के वकीलों को अवगत कराया था कि इक्कीस अक्टूबर यानी आज ही मजिस्ट्रेट के समक्ष आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को लेकर सुनवाई होने वाली है। अदालत ने संभावना जताई थी कि मु मुमकिन है कि उन्हें वहां से न्यायिक राहत मिल जाए। हाईकोर्ट ने दोनों के वकील को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा था कि यदि आपको आज स्थानीय अदालत से किसी प्रकार की राहत नहीं मिलती है तो आप दोबारा नए सिरे से आवेदन दाखिल कर सकते हैं और अदालत ने यह भी सुझाव दिया था कि आप बंदी प्रत्यक्षीकरण यानी हेबियस कॉर्पस के तहत भी अपना आवेदन कोर्ट में दे सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इस प्रकार का कानूनी मार्गदर्शन मिलने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के वकीलों ने हाईकोर्ट से अपनी लंबित याचिका वापस लेने का निर्णय लिया और वकील ने याचिका वापस ले ली और इसके बाद आज एसईएम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद दोनों नेताओं के पक्ष में फैसला आया और उन्हें अंततः जमानत मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक लगातार अपने नेताओं की रिहाई का इंतजार कर रहे थे, और अब कोर्ट के इस आदेश के बाद तिहाड़ जेल से उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
What's Your Reaction?