धनतेरस पर सोना खरीदें या चांदी निवेश का गणित, जानें पूरी रिपोर्ट और मुख्य बातें
धनतेरस पर सोना खरीदें या चांदी? जानिए 2026 से 2031 तक सोने और चांदी की कीमतों का अनुमान और किस मेटल में निवेश करने पर मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न।
भारतीय संस्कृति में धनतेरस के पावन अवसर पर सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की खरीददारी करना बेहद शुभ माना जाता है। इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में यदि आप भी 10 ग्राम सोना या फिर 1 किलो चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना बेहद आवश्यक हो जाता है कि आने वाले 1 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्षों में किस मेटल की कीमतों में अधिक उछाल आ सकता है और आपके लिए किस धातु में निवेश करना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
वर्तमान में क्या चल रही है सोने और चांदी की कीमत
5 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दिसंबर 2026 के सोने का वायदा भाव 10 ग्राम के लिए 1,44,865 रुपये दर्ज किया गया था। वहीं दूसरी ओर, चांदी का वायदा भाव 1 किलो के लिए 1,88,720 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। जाने-माने कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का ऐसा मानना है कि आने वाले आगामी वर्षों में इन दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि चांदी की कीमत में सोने के मुकाबले काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव या वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है।
आने वाले 5 वर्षों में कितना महंगा हो सकता है सोना
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल यानी नवंबर 2027 तक सोने की कीमत बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1,75,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा नवंबर 2029 तक इसका यह भाव बढ़कर 2,15,000 रुपये और नवंबर 2031 तक यह 2,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाने की पूरी संभावना जताई गई है। 5% तक की तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
चांदी की कीमत में अधिक तेजी की जताई जा रही उम्मीद
प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नवंबर 2027 तक चांदी की कीमत बढ़कर 1 किलो के लिए 2,60,000 रुपये के आंकड़े को छू सकती है। इसके साथ ही, नवंबर 2029 तक चांदी का यह भाव 3,10,000 रुपये और नवंबर 2031 तक यह बढ़कर 3,50,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है। 5% तक का शानदार रिटर्न दे सकती है। हालांकि, ये सभी केवल बाजार के अनुमान हैं और वास्तविक कीमतें इससे अलग भी हो सकती हैं।
दूसरे कमोडिटी एक्सपर्ट्स की क्या है राय
मिंट की रिपोर्ट में वेंचुरा के कमोडिटी और सीआरएम प्रमुख एनएस रामास्वामी का अनुमान भी इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की ओर स्पष्ट इशारा करता है। उनके अनुसार, अगले एक साल में सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए 1,75,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके बाद नवंबर 2029 तक यह थोड़ी घटकर 1,65,000 रुपये तक आ सकती है और फिर नवंबर 2031 तक यह बढ़कर 2,00,000 रुपये हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ, चांदी की कीमत नवंबर 2027 तक 2,50,000 रुपये प्रति किलो, नवंबर 2029 तक 2,25,000 रुपये और नवंबर 2031 तक बढ़कर 4,00,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
धनतेरस पर किस धातु में निवेश करना बेहतर विकल्प
बाजार के दिग्गज एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि यदि आप बहुत लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो ऐसी स्थिति में सोना आपके लिए एक अधिक बेहतर और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है। बीते पिछले 20 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने निवेशकों को सालाना औसतन 15 से 16 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। आज दुनिया भर के कई बड़े केंद्रीय बैंक भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की मात्रा लगातार बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और तमाम देशों के ऊपर सरकारी कर्ज बढ़ने की चिंताओं के कारण भी दुनियाभर के निवेशक सोने में खुलकर पैसा लगा रहे हैं।
इसके विपरीत, अगर चांदी की बात करें तो चांदी में कमाई की संभावनाएं और मुनाफा कमाने के अवसर सोने से ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ ही इसमें जोखिम या रिस्क भी काफी अधिक होता है। पिछले 10 वर्षों में चांदी ने औसतन सालाना करीब 16 प्रतिशत और पिछले 20 वर्षों में औसतन करीब 11 प्रतिशत का रिटर्न निवेशकों को दिया है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि चांदी की कीमत में भारी तेजी आने के बाद कई बार बेहद बड़ी और अचानक गिरावट भी देखने को मिली है। उदाहरण के लिए, इसकी कीमत जनवरी 2026 के अपने सबसे ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर से 55 प्रतिशत से भी ज्यादा नीचे आ चुकी है, जिसे निवेशकों को निवेश करने से पहले अवश्य ध्यान में रखना चाहिए।
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