मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप का बयान, शेयर बाजार में गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स दोषी

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर बाजार की गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स को दोषी ठहराया है। जानिए ट्रंप के अन्य बयानों की पूरी जानकारी।

Nov 6, 2026 - 09:35
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मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप का बयान, शेयर बाजार में गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स दोषी

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक और भारी जीत हासिल की है। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को इन चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा है और इस राजनीतिक उलटफेर के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के नतीजों को शेयर बाजार में आई भारी गिरावट से जोड़ते हुए एक बड़ा बयान दिया है जो अब चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए सीधे तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी को बाजार के मौजूदा हाल के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बात करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चुनाव के नतीजों की वजह से शेयर बाजार ने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक का सामना किया है। उन्होंने इस स्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि यह देखना वाकई बहुत दुखद है क्योंकि उन्होंने और उनकी टीम ने इतनी मेहनत करके बाजार को उस स्तर तक पहुंचाया था जो पहले कभी नहीं देखा गया था, और अब राजनीतिक बदलाव के कारण यह हाल हो गया है। ट्रंप ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनावी नतीजे का सीधा असर नागरिकों के रिटायरमेंट फंड यानी उनके चार सौ एक के पर पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गिरावट में रिपब्लिकन पार्टी का कोई हाथ नहीं था और यह सब केवल डेमोक्रेट्स की वजह से हुआ है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान 'डमोक्रेट्स' शब्द का इस्तेमाल किया जो 'डेमोक्रेट्स' का जानबूझकर किया गया एक मजाकिया और व्यंग्यात्मक रूप है। इस शब्द में 'डंब' यानी मूर्ख और 'डेमोक्रेट्स' को आपस में मिलाया गया है, जिसका मतलब मूर्ख डेमोक्रेट्स होता है। ट्रंप अक्सर अपने राजनीतिक विरोधियों को इस तरह के व्यंग्यात्मक शब्दों से पुकारते हैं, जैसे कि डमोक्रेट्स या कभी-कभी डंबोक्रेट्स। यह उनकी रैलियों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में इस्तेमाल होने वाला एक आम तरीका है जिसके जरिए वे अपने विरोधियों पर कटाक्ष करते रहते हैं।

डेमोक्रेटिक नेताओं की जीत पर आगे बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक समय ऐसा आएगा जब लोग इन नतीजों से नाखुश होंगे और तब देश में वास्तविक बदलाव आएगा। लेकिन बदकिस्मती से अक्सर ऐसा इतनी देर से होता है कि जब कोई शहर, देश या राज्य बहुत ज्यादा बिगड़ जाता है, तो आप उसे कभी वापस अपनी पुरानी स्थिति में नहीं ला सकते। उन्होंने लॉस एंजिल्स के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने वहां का चुनाव देखा और यह एक बहुत ही शर्मनाक घटना थी, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था कि स्पेंसर प्रैट फाइनल में पहुंचेंगे और बाकी सबको भी यही उम्मीद थी। ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारे चुनाव इतने बेईमानी भरे हैं कि किसी को इसका अंदाजा भी नहीं है। यदि आप इतिहास को उठाकर देखें तो यह सब एक बड़ी तबाही साबित होगा। न्यूयॉर्क के एक बहुत अच्छे सज्जन के साथ उनके अच्छे संबंध और तालमेल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे देखना चाहते हैं कि आगे क्या होता है और वे चाहते हैं कि न्यूयॉर्क अच्छा करे, जिसके लिए उन्हें उम्मीद है कि सब ठीक होगा।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की जमकर तारीफ की और उनकी पीठ ठोकी। ट्रंप ने कहा कि पीट हेगसेथ ने बहुत ही बढ़िया और सराहनीय काम किया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि हमारे पास द्वितीय विश्व युद्ध की तुलना में कहीं ज्यादा जनरल थे। वेनेजुएला के साथ हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के साथ हमारा युद्ध हुआ जो मात्र अडतालीस मिनट में ही समाप्त हो गया और हमें इसमें पूरी सफलता मिली जिसमें किसी भी प्रकार की कोई जान नहीं गई। इसके अलावा उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान नामक जगह के साथ चल रहे हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट्स पर पूरी तरह से हमारा नियंत्रण बना हुआ है। युद्ध शुरू होने से पहले की स्थिति की तुलना में अभी हम इन जलडमरूमध्यों से कहीं ज्यादा मात्रा में तेल निकाल रहे हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण संघर्ष पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि हम रूस और यूक्रेन को देखें तो वहां हर महीने पच्चीस हजार लोग मारे जा रहे हैं, लेकिन हम इस मामले को बहुत ही जल्द पूरी तरह से सुलझा लेंगे। उन्होंने नाकेबंदी यानी ब्लॉकेड के जरिए जबरदस्त सफलता हासिल करने का दावा किया और कहा कि हमने इसमें किसी को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर आगे बोलते हुए ट्रंप ने विश्वास जताया कि वे इस मामले को सुलझाने के बहुत ही करीब पहुंचने वाले हैं। उनके अनुसार यह एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक समझौता होगा, जिसमें केवल यूक्रेन ही नहीं बल्कि पूरा यूरोप भी शामिल हो सकता है। यह एक ऐसा बड़ा और शानदार समझौता होगा जिससे दुनिया का हर एक व्यक्ति बेहद खुश हो जाएगा।

एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने गुरुवार को व्हाइट हाउस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात की थी, हालांकि उन्होंने यूक्रेनी अधिकारियों के साथ इस दौरान कोई मुलाकात नहीं की। इस मुलाकात और रूस-यूक्रेन समझौते की चर्चा के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इससे पहले मीडिया में यह खबर भी सामने आई थी कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में हार का सामना करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के पास अब कितनी शक्ति शेष है और उनका वीटो पावर आगे चलकर किस प्रकार एक ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है। इन सभी घटनाक्रमों के बीच ट्रंप के बयानों ने अमेरिकी राजनीति और वैश्विक कूटनीति दोनों मोर्चों पर गर्माहट पैदा कर दी है।

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