होर्मुज स्ट्रेट की बंदी से पर्यावरण को बड़ा खतरा, जहाजों पर जमा हो रही खतरनाक प्रजातियां

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 1,500 जहाजों पर बायोफाउलिंग प्रजातियां जमा हो रही हैं, जिससे वैश्विक बायोसिक्योरिटी को सुपर-स्प्रेडर घटना का खतरा है।

Aug 10, 2026 - 16:35
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होर्मुज स्ट्रेट की बंदी से पर्यावरण को बड़ा खतरा, जहाजों पर जमा हो रही खतरनाक प्रजातियां

ईरान और अमेरिका के बीच खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से इसके आर्थिक असर को लेकर दुनियाभर में काफी चर्चा होती रही है, लेकिन बड़ी संख्या में जहाजों के लंबे समय तक वहां रुकने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के जोखिम को अब तक नजरअंदाज किया गया है। हालिया रिसर्च से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि फरवरी से फारस या अरब की खाड़ी में 1,500 से अधिक कमर्शियल जहाज खड़े हैं, जिनसे पर्यावरण को एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इन जहाजों के निचले हिस्सों यानी हल्स पर समुद्री बायोफाउलिंग प्रजातियां तेजी से जमा हो रही हैं।

बायोफाउलिंग और सुपर-स्प्रेडर का जोखिम

जब होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलेगा, तो ये 1,500 जहाज इन जमा हुए जीवों को उन विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक फैला सकते हैं जहां वे अपनी यात्रा के लिए जाएंगे। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बायोसिक्योरिटी से जुड़ी एक सुपर-स्प्रेडर घटना होने का गंभीर खतरा है। बाहरी समुद्री पौधों, जानवरों, परजीवियों और बीमारियों का इस तरह से फैलना स्थानीय इकोसिस्टम के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। यह न केवल जंगली मछलियों के अस्तित्व पर संकट पैदा करेगा, बल्कि एक्वाकल्चर स्टॉक और तटीय उद्योगों पर भी बहुत बुरा असर डालेगा। इस प्रक्रिया से होने वाला पर्यावरणीय नुकसान अंततः भारी आर्थिक हानि का कारण बनेगा और हालांकि शिपिंग में रुकावट की वजह से जहाजों पर बायोफाउलिंग की समस्या पहले भी देखी गई है, लेकिन वर्तमान स्थिति इसकी व्यापकता के कारण अधिक चिंताजनक है।

वैश्विक समुद्री व्यापार के 24 चोक पॉइंट्स

ग्लोबल मर्चेंट जहाज ट्रैफिक दुनिया भर में सामान के परिवहन का मुख्य जरिया है और रिसर्चर्स ने समुद्री व्यापार में कुल 24 ऐसे अहम चोक पॉइंट्स की पहचान की है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें से 20 चोक पॉइंट्स के लिए वैकल्पिक रूट मौजूद हैं, जिसका अर्थ है कि जहाजों का रास्ता बदलकर शिपिंग को प्रबंधित किया जा सकता है। हालांकि इस वैकल्पिक प्रक्रिया में समय और पैसा अधिक खर्च हो सकता है, लेकिन इससे जहाजों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर बेकार खड़ा रखने की नौबत नहीं आती। इसके विपरीत, केवल 4 ऐसे प्रमुख पॉइंट्स हैं जिनके लिए कोई वैकल्पिक रूट उपलब्ध नहीं है। इनमें होर्मुज स्ट्रेट, बाल्टिक सागर में ओरेसंड स्ट्रेट, काला सागर से निकलने वाले बोस्फोरस और डार्डानेल्स स्ट्रेट तथा बोहाई सागर में बोहाई स्ट्रेट शामिल हैं। इन रास्तों के बंद होने का मतलब है जहाजों का पूरी तरह से रुक जाना।

ईरान की शर्तें और सुरक्षा परिषद का रुख

पिछले हफ्ते शनिवार को ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया था कि जब तक अमेरिका अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला जाएगा। ईरान ने इस जलमार्ग और वहां होने वाले आवागमन को लेकर किसी भी समझौते के लिए नई और कड़ी शर्तें रख दी हैं। ईरानी मीडिया में सुरक्षा परिषद के सचिव एवं रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मोहम्मद बाघेर जुलघद्र का बयान प्रसारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को फिर से ईरान को धमकी देना बंद करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह शर्त भी रखी कि अमेरिका को ईरान और क्षेत्र में उसके सशस्त्र सहयोगियों के साथ जारी युद्ध को स्थायी रूप से खत्म कर देना चाहिए और इससे पहले ईरान ने यह दावा किया था कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर ओमान के साथ एक समझौते के करीब पहुंच गया है, क्योंकि यह जलमार्ग इन दोनों देशों के बीच स्थित है। फिलहाल, 1,500 से अधिक जहाजों का वहां खड़ा रहना पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए एक टिक-टिक करते बम की तरह है।

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