ईरान के साथ आज होगा शांति समझौता: ट्रंप का दावा, खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ आज शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने का ऐलान किया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा और परमाणु सामग्री नष्ट की जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा ऐलान किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर आज यानी रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत प्रभाव से सभी अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि जब क्षेत्र में हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे, तब अमेरिका ईरान जाकर वहां से न्यूक्लियर डस्ट यानी परमाणु सामग्री को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
पाकिस्तान ने भी की समझौते की पुष्टि
इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते को अगले 24 घंटों के भीतर अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस्लामाबाद से प्राप्त संकेतों के अनुसार, रविवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की पूरी उम्मीद जताई गई है। यह घटनाक्रम महीनों से चले आ रहे कड़े टकराव और लंबी कूटनीतिक बातचीत के बाद एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति की नई उम्मीद जगी है।
ट्रंप ने की ओबामा की जेसीपीओए डील की आलोचना
ईरान समझौते पर अपना पक्ष रखते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर विस्तार से लिखा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए जेसीपीओए (JCPOA) समझौते की तीखी आलोचना की। ट्रंप ने दावा किया कि ओबामा की वह डील ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का एक बहुत ही आसान और सीधा रास्ता थी। उन्होंने कहा कि अगर वह पुरानी डील जारी रहती, तो ईरान के पास 6 साल पहले ही परमाणु हथियार आ गए होते और वह अब तक उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनका वर्तमान समझौता पिछली सरकारों की नीतियों के बिल्कुल विपरीत और अधिक सुरक्षित है।
होर्मुज स्ट्रेट का खुलना और वित्तीय लेनदेन पर रोक
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अब ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता है और न ही उसे किसी भी तरीके से परमाणु हथियार हासिल करने दिए जाएंगे, चाहे वह खरीदकर हो या बनाकर। उन्होंने बताया कि आज होने वाले हस्ताक्षर के बाद होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता सबके लिए खुल जाएगा। ट्रंप ने यह भी रेखांकित किया कि ईरान के साथ उनके संबंध पिछली सरकारों की तुलना में बहुत अलग और काफी बेहतर हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ओबामा प्रशासन ने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिसमें 1 अरब 70 करोड़ डॉलर नकद भी शामिल थे। इसके विपरीत, वर्तमान समझौते में किसी भी प्रकार के पैसे का लेन-देन नहीं किया जाएगा।
बी-2 बॉम्बर्स और परमाणु सामग्री का विनाश
भविष्य की रणनीति साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि सही समय आने पर, जब स्थिति पूरी तरह शांत होगी, तो अमेरिका अपने शानदार बी-2 बॉम्बर्स और बेहतरीन पायलटों की मदद से ईरान के भीतर जाएगा। वहां ग्रेनाइट के पहाड़ों के नीचे गहराई में दबी परमाणु सामग्री (न्यूक्लियर डस्ट) को निकाला जाएगा और उसे कमजोर करके पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा और उन्होंने भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ मिलकर काम करने के प्रति उत्साह व्यक्त किया। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी होगी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका के पास अंतिम विकल्प भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल वे कभी नहीं करना चाहेंगे।
कूटनीतिक प्रयास और क्षेत्रीय बैठक
शनिवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में अमेरिका-ईरान बातचीत के अंतिम चरण में पहुंचने का स्वागत किया गया। बयान में कहा गया कि आज रविवार को एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह निर्धारित है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि, इस समय-सीमा के बारे में व्हाइट हाउस या ईरानी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पाकिस्तान द्वारा की गई मध्यस्थता की सराहना की है। दोनों देशों के नेताओं ने मिस्र में होने वाली आगामी क्षेत्रीय चार विदेश मंत्रियों (R-4) की बैठक पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि शांति समझौता अब बहुत करीब है और अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी।
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