जॉर्डन हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान पर भीषण बमबारी ट्रंप ने दी चेतावनी

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज किए। होर्मुज स्ट्रेट और कुवैत में बुनियादी ढांचे को नुकसान, ईरान की बड़ी चेतावनी।

Jul 19, 2026 - 07:35
 0  0
जॉर्डन हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान पर भीषण बमबारी ट्रंप ने दी चेतावनी

जॉर्डन स्थित एक सैन्य बेस पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की शहादत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान के विरुद्ध अपनी सैन्य कार्रवाई को अत्यंत तीव्र कर दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग और सेना ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड को दंडित करने के उद्देश्य से ईरान के विभिन्न ठिकानों पर नए और विनाशकारी हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन सैन्य हमलों का प्राथमिक उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से होने वाली तेल टैंकरों की वैश्विक आवाजाही को बाधित करने की ईरान की क्षमता को कम करना और उसे पूरी तरह से समाप्त करना है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने से पहले, विश्व भर में होने वाली कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता था, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है।

होर्मुज स्ट्रेट और सिरिक में सैन्य कार्रवाई का विवरण

ईरान की आधिकारिक सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दक्षिण होर्मोजगन प्रांत के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के अत्यंत निकट स्थित सिरिक नामक क्षेत्र को निशाना बनाया गया। यह हमला स्थानीय समयानुसार तड़के 1:30 बजे किया गया, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही की खबरें हैं। अमेरिकी सेना का मानना है कि इस क्षेत्र से ईरान अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था और जॉर्डन में हुए हमले के बाद यह अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई मानी जा रही है।

अमेरिकी सैनिकों की मौत और हताहतों के आंकड़े

ये नए हमले तब किए गए जब अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को जॉर्डन में एक बेस पर हुए हमले के बाद अपने सैनिकों की मौत की घोषणा की। युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद यह पहली बार है जब ईरान की सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की जान गई है। हालांकि मारे गए सैनिकों की पहचान अभी उजागर नहीं की गई है और सेंट्रल कमांड ने इस संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की है। आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 430 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं। सैनिकों की बढ़ती मौतों ने वाशिंगटन में राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज कर दी है।

इराक और कुर्द क्षेत्र में बढ़ता तनाव

पड़ोसी देश इराक में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रविवार तड़के इरबिल के पास स्थित कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (ईरान के कुर्द असंतुष्टों का समूह) के एक बेस पर ड्रोन से हमला किया गया। समूह के सैन्य अधिकारी रेबाज़ शरीफी के अनुसार, इस हमले में संगठन के 8 सदस्य घायल हो गए हैं। इराक के अर्ध-स्वायत्त उत्तरी कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल के निवासियों ने भी रविवार तड़के हवाई सुरक्षा प्रणालियों से होने वाले धमाकों की आवाजें सुनीं। पिछले 4 दिनों में इरबिल पर कई बार ड्रोन हमले हुए हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले हफ्ते नए इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने वॉशिंगटन का दौरा किया था। हालांकि किसी भी गुट ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह की सुई ईरान और ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया की ओर है।

ईरान की चेतावनी और कूटनीतिक गतिरोध

अमेरिका द्वारा सैनिकों की मौत की घोषणा करने से कुछ समय पहले, ईरान के सर्वोच्च नेता ने कड़ी चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले जारी रखता है, तो उसे कभी न भूलने वाले सबक सिखाए जाएंगे। ईरान के एक वार्ताकार ने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान अब उस अंतरिम डील के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को रोक रहा है, जिसका उद्देश्य लड़ाई को स्थायी रूप से खत्म करना था। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी पर बयान दिया कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए ईरान अब इन्हें लागू नहीं करेगा। खामेनेई ने न केवल ईरान, बल्कि अपने क्षेत्रीय सहयोगियों (एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस) की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।

कुवैत में बुनियादी ढांचे पर हमला और जल संकट

इस युद्ध का सबसे भयावह असर कुवैत में देखने को मिला है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार, ईरानी हमलों ने एक वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट और एक तेल सुविधा केंद्र को निशाना बनाया और कुवैत एक रेगिस्तानी देश है जो अपने पीने के पानी का 90 प्रतिशत हिस्सा डिसेलिनेशन प्रक्रिया से प्राप्त करता है। दो दिनों के भीतर डिसेलिनेशन प्लांट पर यह दूसरा हमला था, जिससे वहां आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयां बंद करनी पड़ीं। कुवैत फायर फोर्स के अनुसार, आग पर काबू पाने के दौरान कई दमकलकर्मी और कर्मचारी घायल हुए हैं। मिसाइल के खतरों के कारण कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया था।

क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्ध अपराध के आरोप

क्षेत्र में बढ़ते खतरों के बीच जॉर्डन और इराक ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है। बहरीन और सऊदी अरब में भी हवाई हमले के सायरन बजने की खबरें हैं। छह देशों वाले गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल, जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी ने ईरान पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे युद्ध अपराधों का दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। अमेरिका ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुनिया भर में अपने नागरिकों के लिए यात्रा अलर्ट जारी किया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow