महा शैतान को सिखाएंगे सबक, खामेनेई बोले ट्रंप के दस्तखत की कोई कीमत नहीं

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका को महा शैतान बताते हुए ट्रंप के हस्ताक्षरों को बेकार बताया और सैन्य हमलों पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

Jul 19, 2026 - 09:35
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महा शैतान को सिखाएंगे सबक, खामेनेई बोले ट्रंप के दस्तखत की कोई कीमत नहीं

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए उसे महा शैतान (ग्रेट शैतान) की संज्ञा दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर पूरी तरह से बेकार और विश्वसनीयता से रहित हैं। ईरानी राष्ट्र के नाम जारी एक कड़े संदेश में, खामेनेई ने अमेरिका पर ईरान के साथ किए गए समझौतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की इस हरकत ने एक बार फिर उसकी बेईमानी, अतार्किकता, अविश्वसनीयता और दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।

अमेरिकी हस्ताक्षरों की विश्वसनीयता पर सवाल

खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों द्वारा हस्ताक्षरित MOU के संबंध में अमेरिका द्वारा किए गए उल्लंघन एक बुनियादी सच्चाई को फिर से सामने लाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर पूरी तरह से बेकार हैं क्योंकि जबरदस्ती, तानाशाही और क्रूरता अमेरिकी विचारधारा और सिद्धांतों के अभिन्न अंग हैं। ईरानी नेता के अनुसार, अमेरिका ने अपनी हालिया हरकतों से अपना असली और बेनकाब चेहरा दिखा दिया है। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अपराधों और तोड़े गए वादों का एक और उदाहरण बताया, जिससे यह साबित होता है कि वाशिंगटन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

प्रतिरोध मोर्चा और भविष्य की चेतावनी

वाशिंगटन के साथ चल रहे सैन्य तनाव का जिक्र करते हुए, खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने तनाव को और बढ़ाया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अब जब अमेरिकी दुश्मन टकराव को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसे और भी भारी नुकसान और अपमान का सामना करना पड़ेगा, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि ईरान की महान जनता और प्रतिरोध मोर्चा (रेसिस्टेंस फ्रंट) के पास उसके लिए ऐसे सबक हैं, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएगा। खामेनेई ने इस्लामी लड़ाकों की बहादुरी और दक्षिणी इलाकों के साहसी लोगों के सम्मान की भी प्रशंसा की, जो हालिया तनाव के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इन्हें अपने दुश्मनों का सामना करने के ईरान के संकल्प का जीवंत उदाहरण बताया।

क्षेत्रीय तनाव और सैन्य संघर्ष

ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के विफल होने के बाद और अधिक बढ़ गया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी को खत्म करना और भविष्य की बातचीत के लिए रास्ता खोलना था। हालांकि, इस समझौते के विफल होने से पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर से शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने भी खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। खामेनेई ने ईरानी नागरिकों और सरकारी अधिकारियों से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और देश की गरिमा व आजादी की रक्षा करने का आग्रह किया है और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देश के संस्थानों का समर्थन जारी रखें और चालाक व अपराधी अमेरिकी दुश्मन के खिलाफ सतर्क रहें।

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