माइक्रोसॉफ्ट का भारत और ग्लोबल साउथ में AI पर भारी निवेश का ऐलान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक ग्लोबल साउथ और भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है।

Feb 21, 2026 - 15:35
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माइक्रोसॉफ्ट का भारत और ग्लोबल साउथ में AI पर भारी निवेश का ऐलान

नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों का जमावड़ा लगा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने एक बड़ी घोषणा की है। स्मिथ ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ष 2030 तक ग्लोबल साउथ के देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए 50 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे के निर्माण और कौशल विकास पर केंद्रित होगा।

इस समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी शिरकत की और भारत के एआई क्षेत्र में 15 अरब डॉलर के निवेश की योजना साझा की। वैश्विक स्तर पर एआई की बढ़ती मांग और भारत की तकनीकी क्षमता को देखते हुए ये घोषणाएं अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

ग्लोबल साउथ के लिए 50 अरब डॉलर का निवेश

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन ब्रैड स्मिथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि कंपनी का लक्ष्य 2030 तक ग्लोबल साउथ में 50 अरब डॉलर (लगभग ₹4 लाख करोड़) का निवेश करना है। स्मिथ के अनुसार, ग्लोबल साउथ में भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देश शामिल हैं, जहां वर्तमान में एआई के लाभों का वितरण समान रूप से नहीं हुआ है और कंपनी का मानना है कि इन क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही संसाधनों के अभाव में वे पीछे रह रहे हैं।

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास पर ध्यान

माइक्रोसॉफ्ट का निवेश मुख्य रूप से एआई डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर केंद्रित होगा और स्मिथ ने कहा कि केवल तकनीक का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को इसे चलाने के लिए प्रशिक्षित करना भी आवश्यक है। इसके तहत शिक्षकों और छात्रों को एआई टूल्स के उपयोग के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। कंपनी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एआई कौशल विकसित करना है ताकि अधिक से अधिक लोग इस तकनीक का लाभ उठा सकें।

भारत में डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं का विस्तार

भारत को एआई विकास का एक अहम केंद्र बताते हुए ब्रैड स्मिथ ने कहा कि कंपनी पहले से ही यहां क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही है। नए निवेश के बाद भारत में डेटा केंद्रों की संख्या में वृद्धि होगी और एआई से जुड़े स्टार्टअप्स को बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश भारत के डिजिटल परिवर्तन को गति देगा और स्थानीय व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का एकीकरण

ब्रैड स्मिथ ने जोर देकर कहा कि एआई का वास्तविक प्रभाव तब दिखेगा जब यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाएगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है और कृषि उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए एक मजबूत डिजिटल आधारभूत ढांचे की आवश्यकता है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट इस निवेश के जरिए पूरा करने का प्रयास कर रहा है।

इंडिया एआई मिशन को मिलेगा प्रोत्साहन

भारत सरकार के 'इंडिया एआई मिशन' को इन वैश्विक निवेशों से बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। समिट के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर एआई के सुरक्षित और समावेशी उपयोग पर काम करेंगे। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के निवेश से भारत में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह सहयोग आम नागरिकों की डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को और अधिक सुलभ बनाएगा।

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