रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज: विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई, राहुल गांधी ने जताया विरोध

रांची में JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। राहुल गांधी ने इस कार्रवाई का विरोध किया है।

Aug 10, 2026 - 21:35
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रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज: विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई, राहुल गांधी ने जताया विरोध

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज किया। विधानसभा घेराव के लिए निकले छात्र सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने न केवल लाठीचार्ज किया, बल्कि आंसू गैस के गोले भी दागे और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। यह आंदोलन पिछले 17 दिनों से चल रहा है, जिसमें छात्र परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

विधानसभा गेट पर झड़प और सुरक्षा व्यवस्था

आंदोलनकारी छात्र सुबह 10 बजे पुराने विधानसभा के पास एकत्रित हुए और वहां से नए विधानसभा भवन की ओर कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग और 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की थी। जब पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया, तो कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नाचने लगे और कुछ ने राष्ट्रगान गाया। हालांकि, जब छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें भी फेंकी गईं। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दो से तीन बार बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे कुछ छात्रों के सिर में चोटें आई हैं। पूरे इलाके की निगरानी CCTV कैमरों से की जा रही है।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और छात्र नेता की हालत

छात्रों पर हुए इस बल प्रयोग पर राजनीति भी गरमा गई है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने लिखा, "झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। " इसी बीच, धरनास्थल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।

17 दिनों से जारी आंदोलन और CID की कार्रवाई

झारखंड PSC और SSC की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र पिछले 17 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो समेत 6 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। देवेंद्र नाथ महतो की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे एंबुलेंस से ही विधानसभा घेराव के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस मामले में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी देखने को मिली है। CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञात हो कि 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में हुई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।

घायल छात्रों का दर्द और पुलिसिया कार्रवाई

प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, "जब भगदड़ मची, तो हम पुलिस के बिल्कुल बीच में थे और इसके बावजूद, इलाका खाली कराने की जल्दबाजी में पुलिस ने मुझे इतनी जोर से धक्का दिया कि मेरे पैर में गंभीर चोट लग गई। अगर भविष्य में मेरे पैर में कोई समस्या होती है, तो क्या झारखंड सरकार या पुलिस इसकी जिम्मेदारी लेगी? " पुलिस ने बाद में दोबारा लाठीचार्ज कर विधानसभा के बाहर जमा सभी JPSC-JSSC उम्मीदवारों को वहां से पूरी तरह हटा दिया।

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