राजस्थान: एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी, 44.27 लाख नाम हटे

राजस्थान निर्वाचन विभाग ने SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की। 44.27 लाख नाम हटाए गए और 12.91 लाख नए नाम जोड़े गए।

Feb 21, 2026 - 18:35
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राजस्थान: एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी, 44.27 लाख नाम हटे

राजस्थान निर्वाचन विभाग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखे गए हैं। 91 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इस संशोधन के बाद राजस्थान में मतदाताओं की कुल संख्या अब 5,15,19,929 हो गई है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

निर्वाचन विभाग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 16 दिसंबर को पहला ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) प्रकाशित किया गया था। इस ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद आम जनता को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और नाम जुड़वाने के लिए एक महीने का समय दिया गया था और 27 अक्टूबर 2025 को प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5,46,56,215 थी, जो 16 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची के समय घटकर 5,04,71,324 रह गई थी। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद से अंतिम प्रकाशन तक कुल 12,91,365 नए नाम जोड़े गए और 2,42,760 नाम हटाए गए।

मतदाताओं की संख्या में शुद्ध कमी का विवरण

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नामों को हटाने और जोड़ने के बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या में 31,36,286 की शुद्ध कमी दर्ज की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया कि एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) श्रेणी के तहत कुल 41,84,891 नाम हटाए गए थे। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद हुई वृद्धि को शामिल करने के बावजूद, अक्टूबर 2025 की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं का आंकड़ा कम हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 5,15,19,929 मतदाता पंजीकृत हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शुद्धिकरण का हिस्सा माना जा रहा है।

लिंग आधारित और श्रेणीवार मतदाता आंकड़े

अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, कुल 5,15,19,929 मतदाताओं में से पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,69,57,881 है। वहीं, महिला मतदाताओं की संख्या 2,45,61,486 दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य में कुल 562 ट्रांसजेंडर मतदाता पंजीकृत हैं। 08 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि लगभग 10,48,605 मतदाताओं के बराबर है।

युवा मतदाताओं की भागीदारी में वृद्धि

इस पुनरीक्षण कार्यक्रम में युवा मतदाताओं (18 से 19 वर्ष आयु वर्ग) के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। आंकड़ों के अनुसार, प्रारूप सूची के बाद अंतिम प्रकाशन तक युवा मतदाताओं की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी हुई है। 82 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। 09 प्रतिशत) का स्थान रहा।

जिलावार मतदाता वृद्धि के आंकड़े

राज्य के विभिन्न जिलों में मतदाता पंजीकरण की दर अलग-अलग रही है और 45 प्रतिशत की कुल मतदाता वृद्धि दर्ज की गई। 71 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। निर्वाचन विभाग ने इन आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किया है ताकि चुनावी प्रक्रिया की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

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