राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय का बयान दर्ज, 140 लोगों पर पुलिस की नजर

अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय का बयान दर्ज किया। 140 लोगों से होगी पूछताछ। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई से किया इनकार

Jun 29, 2026 - 12:35
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय का बयान दर्ज, 140 लोगों पर पुलिस की नजर

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अयोध्या पुलिस ने चंपत राय का बयान दर्ज कर लिया है और इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने न केवल चंपत राय बल्कि इस मामले के शिकायतकर्ता का बयान भी आधिकारिक तौर पर दर्ज किया है। यह कदम जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तथ्यों की पुष्टि करने के लिए उठाया गया है।

140 लोगों के बयान दर्ज करने की योजना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 140 लोगों के बयान दर्ज किए जाने की संभावना है। चंपत राय, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव हैं, उनका स्टेटमेंट लिया जा चुका है और हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया थी और इसे अभी पूछताछ या इंटरोगेशन नहीं माना जाना चाहिए। चंपत राय का बयान एक गवाह (विटनेस) के तौर पर दर्ज किया गया है और इस सूची में अभी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम भी शामिल हैं, जिनके बयान अभी दर्ज होना बाकी हैं। अनिल मिश्रा ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी हैं और गोपाल राव भी ट्रस्ट की गतिविधियों से गहराई से जुड़े हुए हैं।

जांच टीम ने उन सभी व्यक्तियों की एक विस्तृत सूची तैयार की है जो दान प्रक्रिया के किसी भी चरण में शामिल थे। इसमें ट्रस्ट के अन्य सदस्य, दान की गई राशि और सामग्रियों की गिनती करने वाले कर्मचारी, दान को सुरक्षित रूप से बैंक तक पहुंचाने वाले लोग, संबंधित बैंक कर्मी और मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात गार्ड शामिल हैं। इन सभी 140 लोगों से पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने का उद्देश्य चोरी के इस मामले की तह तक पहुंचना और किसी भी प्रकार की मिलीभगत का पता लगाना है। इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि पुलिस चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को नोटिस जारी कर सकती है ताकि जांच को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

10 स्थानों पर छापेमारी और बरामदगी

रविवार को अयोध्या पुलिस ने इस मामले में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कुल 10 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी की कार्रवाई लगभग 6 से 8 घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस ने संदिग्धों के ठिकानों की बारीकी से तलाशी ली। छापेमारी के बाद कुछ आरोपियों के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपियों के छिपने के ठिकानों या चोरी किए गए माल के बारे में जानकारी मिल सके।

इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग और सबूत हाथ लगे हैं। बरामद किए गए सामानों में नकद राशि, सोने-चांदी के गहने, जमीन की रजिस्ट्री के एग्रीमेंट, बैंक की पासबुक और ज्वेलरी के बिल शामिल हैं और जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने हाल के दिनों में कई नई संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें से कई संपत्तियां आरोपियों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कराई हुई हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों के खरीद के स्रोतों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनमें चोरी के पैसे का इस्तेमाल किया गया था।

न्यायिक प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट का रुख

मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस इन आठों आरोपियों की रिमांड हासिल करने की कोशिश करेगी ताकि उनसे और अधिक जानकारी निकलवाई जा सके। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों के घरों से मिले सबूत इस मामले को सुलझाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

दूसरी ओर, राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई थी और इस याचिका में मांग की गई थी कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट में चंदे की कथित हेराफेरी की जांच सीबीआई (CBI) की एसआईटी (SIT) से कराई जाए और इसकी निगरानी अदालत खुद करे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि फिलहाल इस मामले में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने इस मामले को छुट्टियों के बाद एक नियमित बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

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