शार्दुल ठाकुर ने शुभमन गिल और गौतम गंभीर पर उठाए सवाल, कहा इंग्लैंड में नहीं हुआ सही इस्तेमाल
शार्दुल ठाकुर ने इंग्लैंड दौरे पर कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर द्वारा किए गए अपने इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं और टीम इंडिया में वापसी की इच्छा जताई है।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और मुंबई के कप्तान शार्दुल ठाकुर ने टीम इंडिया में अपनी वापसी की इच्छा जाहिर करते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। 34 साल के ठाकुर पिछले लगभग 1 साल से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। उन्होंने आखिरी बार इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए खेला था और अब उस दौरे को याद करते हुए उन्होंने टीम मैनेजमेंट की रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ठाकुर का मानना है कि पिछले साल इंग्लैंड में खेली गई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान उनके कौशल का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया था।
इंग्लैंड दौरे पर कम मौके मिलने का दर्द
शार्दुल ठाकुर को पिछले साल के इंग्लैंड दौरे पर केवल दो टेस्ट मैचों में खेलने का अवसर मिला था। इस दौरान टीम का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था, जहां भारत को लीड्स टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था और मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। एक ऑलराउंडर के तौर पर टीम में शामिल होने के बावजूद, ठाकुर को उन दो टेस्ट मैचों में केवल 27 ओवर गेंदबाजी करने का मौका दिया गया। अपनी निराशा व्यक्त करते हुए ठाकुर ने कहा, "मुझे लगता है कि इंग्लैंड में मेरा सही इस्तेमाल नहीं हुआ। मुझसे बहुत कम गेंदबाजी कराई गई और गलत फेज में इस्तेमाल किया गया।
कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर पर निशाना
गौर करने वाली बात यह है कि उस इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में थी और गौतम गंभीर हेड कोच की भूमिका निभा रहे थे। शार्दुल ठाकुर के इस बयान को सीधे तौर पर कप्तान और कोच के फैसलों पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है और ठाकुर का मानना है कि रणनीतिक चूक और गलत फैसलों के कारण उन्हें वह मंच नहीं मिल सका जहां वह अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख बदल सकते थे।
बल्लेबाजी में अपनी गलतियों को स्वीकारा
गेंदबाजी के प्रबंधन पर सवाल उठाने के साथ-साथ शार्दुल ठाकुर ने अपनी बल्लेबाजी का भी ईमानदारी से विश्लेषण किया। इस दौरे पर उन्होंने 1, 4, और 41 रनों की पारियां खेली थीं। लीड्स टेस्ट के बारे में बात करते हुए उन्होंने अपनी गलती मानी और कहा कि वहां उन्होंने एक खराब शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया था। हालांकि, मैनचेस्टर टेस्ट की अपनी 41 रनों की पारी पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वहां आसमान में बादल थे, गेंद काफी स्विंग हो रही थी और पिच की एक खास लेंथ से असमान उछाल मिल रहा था और ठाकुर के अनुसार, उन्होंने उस कठिन स्पेल का डटकर सामना किया, जिससे भारत पहली पारी में मजबूत स्कोर बना सका और मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा।
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदें बरकरार
शार्दुल ठाकुर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच करीब 12 महीने पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान खेला था, जो सीरीज 2-2 की बराबरी पर छूटी थी। लंबे समय से टीम से बाहर रहने के बावजूद ठाकुर का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह देश के लिए दोबारा खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ठाकुर ने कहा, "मैं 100 प्रतिशत दोबारा भारत के लिए खेलने की इच्छा रखता हूं। मेरे दिमाग में यह बात हमेशा चलती रहती है। भले ही आपको टीम से बाहर कर दिया गया हो, लेकिन मुझे लगता है कि उम्मीद एक बहुत बड़ा शब्द है।
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