आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा भारत: पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। जानें हमले की पूरी जानकारी और वर्तमान सुरक्षा स्थिति।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश के नाम एक अत्यंत कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा और उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हुए कहा कि उनकी मौत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे और इस दुख की घड़ी में पूरा राष्ट्र संकल्प के साथ एकजुट खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी का आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
पहलगाम हमले की पहली बरसी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत एक ऐसा घाव है जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि आतंकियों की गोलियां भारत के संकल्प को डिगा नहीं सकतीं। उन्होंने कहा कि हमले में मारे गए लोग हमेशा देश की स्मृति में रहेंगे और भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूती से जारी रखेगा।
22 अप्रैल की वह काली तारीख: बैसरन घाटी का खूनी मंजर
आज ही के दिन एक साल पहले, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया था। आतंकियों ने पहलगाम की प्रसिद्ध बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों को अपना निशाना बनाया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। 22 अप्रैल 2025 की यह तारीख भारतीय इतिहास के पन्नों में एक ऐसी तारीख के रूप में दर्ज हो गई है, जिसे देश कभी नहीं भूल पाएगा। बैसरन की जो खूबसूरत वादियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करती थीं, वे उस दिन अचानक चीखों और बारूद के धुएं से भर गई थीं। आतंकियों की अंधाधुंध गोलियां सिर्फ और सिर्फ मौत बांट रही थीं।
देशव्यापी आक्रोश और परिवारों की तबाही
इस दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले में कई परिवार पूरी तरह उजड़ गए और कई मासूमों के सिर से अपनों का साया उठ गया। घटना के तुरंत बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया था। देश के कोने-कोने में लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस कायराना हमले का विरोध किया और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। आज एक साल बीत जाने के बाद भी उस खौफनाक मंजर को याद कर लोगों की रूह कांप जाती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और खुफिया एजेंसियों का अलर्ट
पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी अलर्ट के बाद सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। विशेष रूप से पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इन इलाकों के आसपास के जंगलों में सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं और इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित घुसपैठ या आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम करना है।
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