गांधीनगर में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरा, 15 मजदूर मलबे में दबे
गांधीनगर के कुडासन में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरने से 15 मजदूर मलबे में दब गए। डिप्टी CM हर्ष संघवी मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बुधवार रात एक भीषण हादसा हो गया, जहां कुडासन इलाके के पास एक निर्माणाधीन इमारत का बड़ा स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे के बाद मलबे में करीब 15 मजदूरों के दबे होने की खबर सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीम ने अब तक मलबे में दबे चार मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
राहत और बचाव कार्य की स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही गांधीनगर फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। बचाव दल पूरी सावधानी के साथ मलबे को हटा रहा है ताकि अंदर फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और अब तक 4 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बचाव अभियान लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है और बचाव कार्य में हर संभव मदद प्रदान कर रहा है।
हादसे का कारण: क्रेन गिरने की शुरुआती आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन इमारत में काम के दौरान एक क्रेन गिरने की बात सामने आई है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि क्रेन के गिरने के कारण ही इमारत की स्लैब का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। हालांकि, हादसे की असली और सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है और बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय इमारत में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक स्लैब गिर गया और वहां काम कर रहे करीब 15 मजदूर उसके नीचे दब गए। दमकलकर्मी और पुलिस की टीमें मलबे को हटाकर अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
डिप्टी CM हर्ष संघवी ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के डिप्टी CM हर्ष संघवी खुद घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। डिप्टी CM व्यक्तिगत रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मजदूरों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने को भी कहा है। डिप्टी CM की मौजूदगी में बचाव कार्य में तेजी लाई गई है और वे लगातार अधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता इस समय मलबे में फंसे हर एक व्यक्ति की जान बचाना है।
सुरक्षा मानकों और निर्माण की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और इलाके की घेराबंदी कर दी है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के जमा होने के कारण बचाव कार्य में बाधा न आए, इसके लिए पुलिस लोगों को घटनास्थल से दूर रख रही है। इस हादसे ने निर्माणाधीन इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, मौके पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों, क्रेन की स्थिति और उसके संचालन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी। फिलहाल पूरा ध्यान राहत कार्य पर केंद्रित है, लेकिन हादसे के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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