यूपी सरकार का बड़ा फैसला: न्यूनतम मजदूरी में ₹3000 तक की भारी बढ़ोतरी

नोएडा प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में ₹3000 तक की वृद्धि की है। जानें नए रेट और लागू होने की तारीख।

Apr 14, 2026 - 10:35
 0  2
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: न्यूनतम मजदूरी में ₹3000 तक की भारी बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलनों और व्यापक प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में बड़ी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के वेतन में ₹1000 से लेकर लगभग ₹3000 तक का इजाफा किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नया शासनादेश 1 अप्रैल 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए विशेष दरें

सरकार ने औद्योगिक केंद्र माने जाने वाले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के लिए मजदूरी की दरों में विशेष वृद्धि की है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी ₹11313 से बढ़ाकर ₹13690 कर दी गई है, जो ₹2377 की सीधी वृद्धि है। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹15059 किया गया है, जिसमें ₹2614 का इजाफा हुआ है। वहीं, कुशल श्रमिकों की श्रेणी में सबसे अधिक लाभ देते हुए वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16868 कर दिया गया है, जिससे उन्हें ₹2928 का अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।

अन्य नगर निगम क्षेत्रों में वेतन का नया ढांचा

प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों के लिए भी मजदूरी की दरों में संशोधन किया गया है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों को अब ₹11313 के स्थान पर ₹13006 मिलेंगे, जो ₹1693 की वृद्धि है। अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹12445 से बढ़ाकर ₹14306 कर दी गई है, जिसमें ₹1861 का इजाफा हुआ है। कुशल श्रमिकों के लिए यह राशि ₹13940 से बढ़ाकर ₹16025 निर्धारित की गई है, जिससे उनके वेतन में ₹2085 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

शेष जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रावधान

नगर निगमों के बाहर स्थित अन्य जिलों के लिए भी सरकार ने वृद्धि सुनिश्चित की है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹11313 से बढ़ाकर ₹12356 की गई है, जो ₹1043 की वृद्धि दर्शाती है। अर्धकुशल श्रमिकों को अब ₹12445 के बजाय ₹13591 मिलेंगे, जिसमें ₹1146 का इजाफा हुआ है। कुशल श्रमिकों की श्रेणी में वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹15224 कर दिया गया है, जिससे उन्हें ₹1284 का मासिक लाभ मिलेगा।

शासनादेश के पीछे सरकार का तर्क और स्पष्टीकरण

राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय उद्योग और श्रमिक दोनों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार के अनुसार, वर्तमान में उद्योग जगत कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और उत्पादन लागत के दबाव का सामना कर रहा है, लेकिन श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करना भी अनिवार्य था। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि यह वृद्धि एक संतुलित कदम है। साथ ही, सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है जिनमें न्यूनतम वेतन ₹20000 करने का दावा किया गया था। शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक आदेश ही मान्य होंगे और भविष्य में वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow