Share Market Crash:ट्रंप की टैरिफ धमकी से बाजार खुलते ही पोर्टफोलियो हुए लाल, 5 मिनट में 3.4 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी हफ्ते में बड़ी गिरावट देखने के बाद सोमवार को शेयर मार्केट लाल निशान में खुला. सबसे ज्यादा गिरावट Zomato

Feb 24, 2025 - 10:15
Feb 25, 2025 - 19:08
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Share Market Crash:ट्रंप की टैरिफ धमकी से बाजार खुलते ही पोर्टफोलियो हुए लाल, 5 मिनट में 3.4 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: शेयर बाजार में जारी भूचाल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी हफ्ते में बड़ी गिरावट देखने के बाद सोमवार को भी बाजार लाल निशान में खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 500 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी में 159 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में लार्जकैप में शामिल 30 में से 29 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, जिसमें सबसे ज्यादा गिरावट Zomato के शेयरों में देखने को मिली।

गिरावट के प्रमुख कारण

इस भारी गिरावट के पीछे प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई टैरिफ लगाने की धमकी को माना जा रहा है। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता ने भी भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।

बाजार में भारी नुकसान

सोमवार को सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,311.06 की तुलना में गिरकर 74,893.45 के स्तर पर खुला और कुछ ही समय में 74,730 के स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी भी 22,795.90 के मुकाबले गिरकर 22,609.35 पर खुला और मिनटों में ही 200 अंकों की गिरावट के साथ 22,607 तक लुढ़क गया।

5 मिनट में 3.40 लाख करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में गिरावट इतनी तेज थी कि महज 5 मिनट में BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 3.40 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। ग्लोबल बाजार में गिरावट के चलते broader market में भी भारी हलचल देखने को मिली। BSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।

सुबह 9:20 बजे तक BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 398.80 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका मतलब यह हुआ कि कुछ ही मिनटों में बाजार पूंजीकरण में 3.40 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।

किन आंकड़ों पर निवेशकों की नजर?

ट्रंप टैरिफ और वैश्विक बाजार के हालात के अलावा, निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों पर भी टिकी हुई है, जो बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा जारी होने वाले हैं:

  • 26 फरवरी: अमेरिका में होम सेल्स डेटा जारी होगा।

  • 27 फरवरी: अमेरिकी GDP ग्रोथ का दूसरा अनुमान आएगा।

  • 28 फरवरी: भारत सरकार चालू वित्त वर्ष (2024-25) की तीसरी तिमाही का GDP डेटा और आगामी वित्त वर्ष के लिए GDP का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी करेगी।

क्या है निवेशकों के लिए आगे की रणनीति?

वर्तमान बाजार परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट कुछ समय के लिए बनी रह सकती है, और बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट निवेश के नए अवसर प्रदान कर सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति बनानी चाहिए।

निष्कर्ष

भारतीय शेयर बाजार इस समय वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी नीतियों और आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा में भारी दबाव में है। निवेशकों को सतर्क रहकर और मजबूत कंपनियों में दीर्घकालिक दृष्टिकोण से निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए। अगले कुछ दिनों में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे, इसलिए निवेशकों को सतर्कता बरतने और त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।

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