IND vs ENG: क्या इंग्लैंड के 9 मीटर वाले चक्रव्यूह में फिर फंसेगी टीम इंडिया? वनडे सीरीज में बड़ी चुनौती
इंग्लैंड की 9 मीटर शॉर्ट पिच रणनीति ने टी20 में भारत को परेशान किया। क्या वनडे सीरीज में रोहित और विराट इस चक्रव्यूह को तोड़ पाएंगे?
भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज का बिगुल बज चुका है और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी हैं। लेकिन इस सीरीज के शुरू होने से पहले एक बड़ा सवाल टीम इंडिया के सामने खड़ा है। क्या इंग्लैंड एक बार फिर से उसी 9 मीटर के चक्रव्यूह का इस्तेमाल करेगा जिसने टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी? इंग्लैंड ने टी20 सीरीज के दौरान शॉर्ट पिच गेंदबाजी को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया था और अब वनडे सीरीज में भी इसी रणनीति के दोहराए जाने की पूरी संभावना है। यह रणनीति भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है।
क्या है 9 मीटर का यह खतरनाक चक्रव्यूह?
क्रिकेट की तकनीकी भाषा में 9 मीटर के चक्रव्यूह का अर्थ शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंदबाजी से है। जब कोई गेंदबाज शॉर्ट पिच गेंद फेंकता है, तो वह आमतौर पर पिच पर 9 मीटर की दूरी से गेंद को बाउंस कराने का प्रयास करता है। हालांकि पिच की स्थिति और बल्लेबाज के कद के अनुसार इस लेंथ में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर यह 7 से 10 मीटर के बीच ही रहती है। इसी लेंथ ने टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के लिए गले की हड्डी बनने का काम किया था। जब गेंद इस लेंथ पर गिरती है, तो बल्लेबाज के पास फैसला लेने के लिए बहुत कम समय होता है कि वह गेंद को पुल करे, डक करे या डिफेंड करे। इसी कशमकश में बल्लेबाज अपना विकेट गंवा बैठते हैं।
टी20 सीरीज का कड़वा अनुभव
टी20 सीरीज में जो हुआ वह भारतीय प्रशंसकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। इंग्लैंड ने 9 मीटर के इसी चक्रव्यूह में फंसाकर टीम इंडिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। भारत को 5 मैचों की टी20 सीरीज में 0-4 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। गनीमत यह रही कि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया, वरना यह आंकड़ा 0-5 भी हो सकता था। पूरी सीरीज के दौरान यह देखा गया कि जैसे ही इंग्लिश गेंदबाजों ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंदों का इस्तेमाल किया, भारतीय बल्लेबाज असहज नजर आए और एक के बाद एक पवेलियन लौटते गए।
आंकड़ों की जुबानी टीम इंडिया की परेशानी
अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है। साउथैम्प्टन में खेले गए 5वें टी20 मैच से पहले तक इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 118 शॉर्ट पिच गेंदों का इस्तेमाल किया था। इन 118 गेंदों पर भारतीय टीम ने अपने 11 महत्वपूर्ण विकेट खोए थे। भारत ने इन गेंदों पर 144 दशमलव 9 की स्ट्राइक रेट और मात्र 15 दशमलव 54 की औसत से 171 रन बनाए थे। यदि इसमें 5वें टी20 के आंकड़े भी जोड़ दिए जाएं, जहां शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंदों पर 3 और विकेट गिरे, तो यह साफ हो जाता है कि पूरी टी20 सीरीज में कुल 14 बार भारतीय बल्लेबाज इस 9 मीटर के चक्रव्यूह में फंसे। साउथैम्प्टन के मैच में भारत के 8 विकेट गिरे थे, जिनमें से अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे और सूर्यांश शेडगे ने अपने विकेट इसी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर गंवाए थे।
कमजोरियों का हुआ खुलासा
इंग्लैंड की इस रणनीति ने न केवल मैच जिताए बल्कि कुछ भारतीय बल्लेबाजों की तकनीकी कमजोरियों को भी दुनिया के सामने ला दिया। इसमें वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे प्रमुख है। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने वैभव की इस कमजोरी को बखूबी पहचाना और 3 में से 2 मैचों में उन्हें अपनी सटीक शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। यह दर्शाता है कि इंग्लैंड की टीम कितनी योजनाबद्ध तरीके से भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति तैयार कर रही है।
वनडे सीरीज में अनुभव बनाम जोश
इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी अगर इंग्लैंड वनडे सीरीज में भी इसी 9 मीटर वाली रणनीति को अपनाए। लेकिन इस बार टीम इंडिया की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। टी20 सीरीज में जहां युवा जोश था, वहीं वनडे सीरीज में अनुभव और बेहतरीन तकनीक का समावेश होगा। टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और शुभमन गिल जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद होंगे। इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वे शॉर्ट पिच गेंदों को खेलने में माहिर माने जाते हैं और रोहित शर्मा का पुल शॉट और विराट कोहली की तकनीक इंग्लैंड के इस चक्रव्यूह को तोड़ने में सक्षम है। ऐसे में अगर इंग्लैंड फिर से वही जाल बिछाता है, तो उसे भारतीय दिग्गजों से करारा जवाब मिलना तय है।
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