अग्निवीरों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सेवा कार्यकाल बढ़ा और नियम बदले
मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना में बड़ा बदलाव करते हुए सेवा कार्यकाल दो साल बढ़ाया है और 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनाने की घोषणा की है।
दिवाली से पहले मोदी सरकार ने देश के युवाओं और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अग्निवीर योजना में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दी है कि 25 प्रतिशत अग्निवीर नियमित सैनिक बनेंगे। इसके साथ ही अग्निवीरों का सेवा कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है, जिससे देश के लाखों युवाओं को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। सरकार के इस कदम से सशस्त्र बलों की ताकत और मजबूत होगी तथा युवाओं को सेना में अपनी सेवाएं देने के लिए और अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आज इंडियन डिफेंस फोर्सेज के लिए और हमारे अग्निवीरों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आज कैबिनेट ने सारे अग्निवीरों के लिए एक पाथवे क्रिएट किया है जिससे कि वो इंडियन डिफेंस फोर्सेज में पूरी तरह से अब्जॉर्ब हो जाएं। इस योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 14 जून 2022 में अग्निपथ स्कीम को इंट्रोड्यूस किया गया था। उस समय भी यह बात स्पष्ट की गई थी कि हम अग्निवीरों का कंटीन्यूअस परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन करेंगे और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा करेंगे। अब जब पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल खत्म होने वाला है, तो इन चार सालों के दौरान हमने उनके परफॉर्मेंस का जो इवैल्यूएशन किया है, उसमें बहुत ही पॉजिटिव फीडबैक उनके काम के बारे में हमको मिला है।
मेरिट के आधार पर नियमित सैनिकों का चयन
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि जैसा आप सभी जानते हैं, मेरिट के हिसाब से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को रेगुलर फोर्सेज में एनरोल किया जाएगा। पहले के प्रावधान के अनुसार 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल पूरे होने के बाद समाज में एक डिसिप्लिन्ड और मोटिवेटेड यूथ के रूप में एग्जिट होना था। लेकिन अब इस संशोधित स्कीम के अंतर्गत रिमेनिंग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को एक और एंगेजमेंट पीरियड, यानी दो साल का एक और एंगेजमेंट पीरियड का ऑफर दिया जाएगा। जब वो यह दो साल का एंगेजमेंट पीरियड खत्म करेंगे, तो सभी विलिंग अग्निवीरों को आर्म्ड फोर्सेज में एनरोल किया जाएगा, जो कि ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया के अधीन होगा। यह इस योजना के चार सबसे बड़े और प्रमुख पहलू हैं, जिनका हमने ऑब्जेक्टिव असेसमेंट किया है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने आगे स्पष्ट किया कि ऑर्गेनाइजेशनल एफिशिएंसी और ऑपरेशनल रिक्वायरमेंट्स के आकलन के बाद अग्निवीरों का आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस चाहे वह फिजिकल फिटनेस में हो, मोटिवेशन लेवल्स में हो, मोराल में हो या टेक्नोलॉजिकल प्रोवेस में हो, बिल्कुल सामने आया है। जैसा मैंने बताया कि इसमें से 25 प्रतिशत जो अपना चार साल का एंगेजमेंट पीरियड खत्म करेंगे, उन्हें रेगुलर सोल्जर्स के रूप में एनरोल किया जाएगा। हमारे रेकमेंडेशन पर इंडियन डिफेंस फोर्सेज ने यह सिफारिश की थी कि इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दूसरा एंगेजमेंट पीरियड दो साल का दिया जाए। आज कैबिनेट ने इस दो साल के दूसरे एंगेजमेंट पीरियड को अपनी मंजूरी दे दी है।
दूसरे कार्यकाल के बाद नियमित होने का अवसर
जब यह अग्निवीर अपना दूसरा एंगेजमेंट पीरियड दो साल का पूरा कर लेंगे, तो सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों के रूप में शामिल होने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जाएगा। यह मौका उनकी अपनी इच्छा और चयन के वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर पूरी तरह से निर्भर करेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने बताया कि चार साल के कम्प्लीशन के बाद सभी अग्निवीरों को यह अवसर मिलेगा कि वे इंडियन आर्म्ड फोर्सेस में रेगुलर सोल्जर्स बनें, जो उनकी विलिंगनेस और हमारे ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया पर आधारित होगा। दो साल के इस दूसरे एंगेजमेंट पीरियड का इंट्रोडक्शन काफी डेलिब्रेट रीजनिंग और गहन रिव्यू के बाद किया गया है, जो दोनों पहलुओं को पूरी तरह से पूरा करता है।
सुब्रमणि ने कहा कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, ऑर्गेनाइजेशनल रिक्वायरमेंट्स और अग्निवीरों के एस्पिरेशंस को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब मैं विस्तार से बताना चाहता हूं कि पिछले चार साल में हमने जो रिव्यू किया है और इस स्कीम के क्या-क्या अचीवमेंट्स रहे हैं। सबसे पहली बात यह है कि देश के सभी डिस्ट्रिक्ट्स में हमारा रिक्रूटमेंट का फुटप्रिंट काफी बढ़ चुका है और देश के लगभग सभी जिलों से युवा अग्निवीर के रूप में एनरोल हो रहे हैं। दूसरा बड़ा बदलाव यह आया है कि हमारा रिक्रूटमेंट प्रोसेस अब बेहद ट्रांसपेरेंट और स्ट्रीमलाइंड हो चुका है। आप जानते हैं कि पहले फिजिकल टेस्ट पहले होता था और उसके बाद एंट्रेंस टेस्ट होता था। अब हमने प्रक्रिया को बदलते हुए पहले रिटन टेस्ट करना शुरू कर दिया है और उसके बाद फिजिकल टेस्ट लिया जाता है, जिससे लिमिटेड नंबर ऑफ कैंडिडेट्स का मेडिकल और पूरा रिक्रूटमेंट बहुत ही ट्रांसपेरेंट और अच्छे ढंग से किया जा रहा है।
कौशल विकास और बेहतर पारिश्रमिक
तीसरी बात यह है कि इन चार सालों में हमने यह पाया है कि अग्निवीरों का फिजिकल फिटनेस, मोटिवेशन, मोराल, टेक्नोलॉजिकल प्रोवेस और डिसिप्लिन बहुत ही ऊंचे स्तर का रहा है। इसके अलावा सर्विस के दौरान हमने उनके स्किल्स को एनहांस करने के लिए भी काफी पर्याप्त मौके दिए हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई युवा केवल दसवीं पास करके आया है, तो उसे बारहवीं पास करा दिया गया है, और अगर कोई बारहवीं पास है, तो उसे ग्रेजुएशन करने का पूरा मौका दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें नेशनल क्वालिफिकेशन्स के माध्यम से स्किल सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए हैं।
सुब्रमणि ने यह भी जानकारी दी कि डिफेंस फोर्सेज की कई शाखाओं को महिलाओं के लिए भी पूरी तरह से खोल दिया गया है और इस संपूर्ण फीडबैक और गहन रिव्यू के बाद ही यह निर्णय लिया गया है कि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का एक और एंगेजमेंट पीरियड दिया जाए। इस दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के दौरान उन्हें हायर रेम्यूनरेशन मिलेगा और एनहांस्ड सेवा निधि प्राप्त होगी। इस दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के इंट्रोडक्शन के साथ ही कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए एक स्पष्ट पाथवे क्रिएट कर दिया है ताकि वे भारतीय रक्षा बलों में पूरी तरह से समायोजित हो सकें। यह इस योजना के मुख्य और विस्तृत फीचर्स हैं। इससे पहले देश में यह खबर भी सामने आई थी कि गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस की नौकरी में भर्ती परीक्षा से छूट दी जाएगी, जिसकी घोषणा डिप्टी सीएम संघवी ने एक बड़े ऐलान के तहत की थी।
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