दाम कम होते ही सोने की जबरदस्त मांग, धनतेरस पर बारह फीसदी बिक्री का अनुमान

धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में आई सात फीसदी से अधिक की गिरावट से बाजार में रौनक लौट आई है। इस बार बारह फीसदी अधिक सोना बिकने का अनुमान है।

Nov 3, 2026 - 09:35
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दाम कम होते ही सोने की जबरदस्त मांग, धनतेरस पर बारह फीसदी बिक्री का अनुमान

त्योहारों के इस सीजन में अगर आप भी सोने या चांदी की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद उत्साहजनक साबित हो सकती है। पिछले एक महीने के भीतर सोने के दाम में सात फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कीमतों में आई इस नरमी ने सुस्त पड़े ज्वेलरी बाजार में एक बार फिर से नई जान फूंक दी है। जो ग्राहक बढ़े हुए दामों की वजह से अपनी जरूरी खरीदारी को लगातार टाल रहे थे, वे अब आगामी धनतेरस के पावन पर्व से ठीक पहले स्थानीय दुकानों और शोरूमों पर वापस लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं। बाजार के तमाम जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते से ही सोने की खुदरा और थोक खरीदारी ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है। आगामी छह नवंबर को धनतेरस का बड़ा त्योहार है, और तब तक बाजार में यह जबरदस्त तेजी लगातार बनी रहने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

लंबे समय बाद ऑल टाइम हाई से काफी सस्ता हुआ सोना

सोमवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के प्रतिष्ठित सर्राफा बाजार में दस ग्राम सोने का भाव घटकर एक लाख सैंतीस हजार रुपये के स्तर पर आ गया। ठीक एक महीने पहले तक यही कीमत एक लाख अड़तालीस हजार रुपये प्रति दस ग्राम हुआ करती थी। अगर इस साल के अब तक के सबसे ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर से तुलना की जाए, तो सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। इस साल उनतीस जनवरी को सोने ने एक लाख अस्सी हजार रुपये प्रति दस ग्राम का अब तक का सबसे बड़ा ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था, जिसके मुकाबले अब सोने के दाम काफी नीचे आ चुके हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए अनुमान जताया है कि इस बार की धनतेरस पर सोने की कुल बिक्री पिछले साल के मुकाबले दस से बारह फीसदी तक अधिक रहने की पूरी संभावना है। हिंदू धर्म में धनतेरस के दिन को किसी भी प्रकार की महंगी और बहुमूल्य खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है, और इस बार घिरे हुए कम दामों के कारण लोग बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं।

शादियों के सीजन के लिए एडवांस बुकिंग में आई जोरदार तेजी

सोमवार को बाजार में आए इन सकारात्मक बदलावों के बीच सिर्फ त्योहारी खरीदारी ही नहीं बढ़ी है, बल्कि आने वाले वेडिंग सीजन यानी शादी-ब्याह के मौसम के लिए भी लोगों ने अभी से अपनी एडवांस बुकिंग और आर्डर देना शुरू कर दिया है और जब सोने के दाम लगातार आसमान छू रहे थे और तेजी से भाग रहे थे, तब देश के कई परिवारों ने अपनी सुनियोजित खरीदारी को फिलहाल रोक दिया था। अब वही रुकी हुई और दबी हुई मांग एक बार फिर से खुले तौर पर बाजार में दिखाई दे रही है। खुदरा दुकानों और बड़े शोरूमों पर सोने के पारंपरिक और आधुनिक गहनों के अलावा चांदी के सिक्कों और बर्तनों की मांग में भी काफी तेजी आई है और प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड कल्याण ज्वेलर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरमन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी के दाम में आई यह नरमी उन तमाम ग्राहकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से सही रेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उनके मुताबिक, बीते वीकेंड पर देश भर के शोरूमों में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली है और लोगों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है।

बजट को संभालने के लिए अठारह कैरेट के गहनों की खास मांग

कीमतों में आई इस मौसमी गिरावट से आम ग्राहकों को अपने घरेलू बजट को संतुलित करने और संभालने में काफी हद तक मदद मिली है। प्रसिद्ध ब्रांड ऑरा ज्वेल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विपुल शाह का कहना है कि दाम घटने से अब ग्राहक अपने पुराने तयशुदा बजट में ही थोड़े भारी गहने या फिर अपनी पसंद के बेहतर डिजाइन आसानी से चुन पा रहे हैं। हालांकि, पुराने समय के और ऐतिहासिक स्तरों के मुकाबले सोने के भाव आज भी काफी ऊपर बने हुए हैं और इसलिए आम लोग अपना मासिक या त्योहार का बजट पूरी तरह से न बिगड़ने देने के लिए हल्के वजन के गहने, कम कैरेट का सोना या फिर छोटे बजट की खरीदारी करने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। रमेश कल्याणरमन के मुताबिक, बाजार में अठारह कैरेट के गहनों के विशेष कलेक्शन की उपलब्धता की वजह से ग्राहक अब कम कीमत और किफायती दाम में भी पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के गहने बहुत आसानी से खरीद पा रहे हैं।

धातु की मात्रा से ज्यादा अब डिजाइन पर टिकी ग्राहकों की नजर

इस बार के फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की पसंद और प्राथमिकताओं में भी एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। टाटा ग्रुप की मशहूर और प्रतिष्ठित कंपनी कैरेटलेन के को-फाउंडर गुरुकीर्ति गुरुनाथन का कहना है कि इस बार ग्राहक सिर्फ धातु के वजन या उसकी कीमत पर ध्यान देने के बजाय गहनों के आकर्षक और नायाब डिजाइन को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं। उनके मुताबिक, रोजाना पहनने वाले हल्के डायमंड पीस, पारंपरिक जड़ाऊ गहनों के अलावा सॉलिटेयर हीरों की मांग भी भारतीय बाजार में इस समय काफी तेज गति से आगे बढ़ रही है। कुल मिलाकर सोने और चांदी के दामों में आई इस गिरावट से देश भर के ग्राहकों के चेहरे खिल उठे हैं और वे खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, देश भर के ज्वेलर्स और व्यापारियों को भी इस आगामी धनतेरस पर बंपर कमाई होने की पूरी और पक्की उम्मीद है, जिससे खुदरा बाजार को एक नई मजबूती मिलेगी।

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