खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का तंज, तेहरान में गूंजे अमेरिका मुर्दाबाद के नारे

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने तंज कसा, वहीं तेहरान में अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगे।

Jul 4, 2026 - 15:35
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खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का तंज, तेहरान में गूंजे अमेरिका मुर्दाबाद के नारे

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और एक तरफ जहां पूरा ईरान अपने सुप्रीम लीडर की याद में शोक में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और भी तीखी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माउंट रशमोर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ईरान पर कड़ा प्रहार किया है। ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है क्योंकि अमेरिकी लोग अच्छे हैं और ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान की सड़कों पर लाखों लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े हुए हैं और अमेरिका के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

माउंट रशमोर से ट्रंप का तीखा हमला

अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले माउंट रशमोर में आयोजित एक सभा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हालिया संघर्ष का विस्तार से जिक्र किया और उन्होंने तेहरान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका ने मानवता के नाते ईरान को यह मोहलत दी है। ट्रंप ने अपने संबोधन में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहराया और कहा कि युद्ध में ईरान की बहुत बुरी तरह हार हुई है। उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने वेनेजुएला को एक ही दिन में हरा दिया और ईरान को भी बुरी तरह से मात दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब किसी भी कीमत पर समझौता करने के लिए बेताब है क्योंकि अमेरिकी दबाव ने उन्हें घुटनों पर ला दिया है और ट्रंप ने जोर देकर कहा कि कुछ समय पहले तक ईरान तबाही मचा रहा था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

एक हफ्ते की मोहलत और अमेरिकी शर्तें

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को दी गई एक हफ्ते की यह छुट्टी केवल सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करने के लिए है। उन्होंने कहा कि हमने उन्हें एक सप्ताह का समय इसलिए दिया क्योंकि हम अच्छे लोग हैं और यह सच है। हालांकि, उन्होंने इसके साथ एक कड़ी चेतावनी भी जोड़ दी। ट्रंप ने कहा कि इस एक हफ्ते की अवधि के तुरंत बाद ईरान को अमेरिकी प्रशासन द्वारा रखी गई सभी शर्तों को मानना होगा। ट्रंप के इस बयान पर वहां मौजूद अमेरिकी जनता ने जमकर तालियां बजाईं। ट्रंप का यह दावा कि ईरान समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है, ईरान की वर्तमान स्थिति पर एक बड़ा राजनीतिक तंज माना जा रहा है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

तेहरान में अमेरिका मुर्दाबाद के नारे

ट्रंप के बयानों के विपरीत, ईरान की राजधानी तेहरान में माहौल पूरी तरह से अमेरिका विरोधी बना हुआ है। शनिवार को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला धार्मिक परिसर में जुटे लाखों ईरानियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहां मौजूद भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके साथ ही लोगों ने अपने नेता की मौत का बदला लेने की कसम खाते हुए बदला, बदला के नारे भी बुलंद किए और लोगों के हाथों में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें थीं और उनकी आंखों में आंसू के साथ-साथ अमेरिका के प्रति भारी आक्रोश भी दिखाई दे रहा था। ईरानी जनता ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए अपने देश और अपने नेता के प्रति अटूट निष्ठा का प्रदर्शन किया।

ग्रैंड मोसल्ला में भावुक दृश्य और कांच का ताबूत

तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम विदाई का दृश्य अत्यंत भावुक था। ईरानी अधिकारियों ने अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को एक विशेष कांच के ताबूत में रखा है ताकि वहां आने वाले लाखों लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन कर सकें और ताबूत को पूरे राजकीय सम्मान के साथ समारोह स्थल पर लाया गया। इस दौरान एक और हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला जब खामेनेई के परिवार के अन्य सदस्यों के शव भी वहां रखे गए। इनमें उनकी 14 महीने की पोती जहरा का छोटा ताबूत भी शामिल था। नन्ही जहरा के ताबूत के पास उसकी एक तस्वीर भी रखी गई थी, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह व्यक्तिगत त्रासदी ईरान के राष्ट्रीय शोक में एक गहरा दुख जोड़ रही है।

मशहद में होगा अंतिम संस्कार

ईरान के सुप्रीम लीडर को अंतिम विदाई देने के लिए दुनिया भर के कई नेता तेहरान पहुंचे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार गुरुवार 9 जुलाई 2026 को किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार उत्तर-पूर्वी ईरान के मशहद शहर में होगा, जो उनका गृह नगर है। मशहद में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और ईरानी लोग अपने सुप्रीम लीडर की याद में लगातार शोक मना रहे हैं और तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ जुटी हुई है। ट्रंप की धमकियों और तंज के बीच, ईरान अपनी संप्रभुता और अपने नेता के सम्मान को बनाए रखने के लिए एकजुट दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच यह तल्खी और बढ़ने के आसार हैं।

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