ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को छोटी-मोटी झड़प बताया, कहा क्यों नहीं हो पा रहा शांति समझौता

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव को छोटी-मोटी झड़प बताया और शांति समझौते में देरी का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने शहीद सैनिकों को भी सम्मानित किया।

Jul 23, 2026 - 09:35
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ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष को छोटी-मोटी झड़प बताया, कहा क्यों नहीं हो पा रहा शांति समझौता

मिडल ईस्ट में ईरान के साथ जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही इस जंग को एक छोटी-मोटी झड़प करार दिया है। जॉर्जिया के मैरिएटा में अपनी सरकार की पहल ट्रंप अकाउंट्स के बारे में चर्चा करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान वास्तव में अमेरिका के साथ एक समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि शांति समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा क्या है। ट्रंप के अनुसार, ईरान डील करने की इच्छा तो रखता है, लेकिन जब भी समझौते का समय आता है, वह हर बार शर्तों और चीजों को बदल देता है।

झड़प और समझौते पर ट्रंप का नजरिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुई हालिया सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए इसे छोटी-मोटी झड़प कहा। उन्होंने दावा किया कि ईरान को इन कार्रवाइयों से बहुत जोरदार चोट लगी है, जिसके कारण वे अब समझौता करने के लिए उत्सुक हैं। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान के साथ हमारी जो झड़प चल रही है, मैं इसे यही कहूंगा क्योंकि उन्हें बहुत नुकसान हुआ है और उन्होंने आगे कहा कि वे डील करने के लिए तैयार तो हैं, लेकिन उनकी नीयत में स्थिरता नहीं है। हर बार जब वे डील के करीब होते हैं, तो वे उसमें बदलाव करना चाहते हैं। ट्रंप का मानना है कि वे अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, लेकिन बहुत जल्द वे समझौते के लिए तैयार हो जाएंगे।

शहीद सैनिकों का सम्मान और बाइडन पर हमला

मैरिएटा में आयोजित इस समारोह के दौरान ट्रंप ने शहीद अमेरिकी सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहन के परिवार को विशेष रूप से सम्मानित किया और इससे पहले ट्रंप डेलावेयर के डोवर एयरफोर्स बेस भी गए थे, जहां वे ईरान के साथ जारी संघर्ष में जान गंवाने वाले 4 अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ वापस लाने की प्रक्रिया में शामिल हुए थे। इस मौके पर ट्रंप ने बाइडन प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब दुनिया अमेरिका का मजाक नहीं उड़ा रही है और ट्रंप के अनुसार, बाइडन का कार्यकाल खत्म होने के बाद देश में बड़े और सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि 18 महीने पहले अमेरिका बहुत मुश्किल दौर में था और हालात काफी खराब थे।

महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा

ट्रंप ने आर्थिक मोर्चे पर भी बाइडन प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि स्लीपी जो बाइडन और कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट्स ने पिछले 48 वर्षों की सबसे ज्यादा महंगाई पैदा कर दी थी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनकी नीतियों के कारण अब स्थिति में सुधार हो रहा है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बीच, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को सऊदी अरब के लिए बंद करने का ऐलान किया है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से दुनिया का 12 प्रतिशत व्यापार होता है। यदि यह रास्ता बंद होता है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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