कच्चे तेल की कीमतों में 40 दिनों में 28 प्रतिशत की भारी गिरावट: क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?

कच्चे तेल की कीमतों में 40 दिनों में 28 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 25 मई से स्थिर हैं। जानें वैश्विक बाजार और आपके शहर के ताजा रेट।

Jul 3, 2026 - 08:35
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कच्चे तेल की कीमतों में 40 दिनों में 28 प्रतिशत की भारी गिरावट: क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में पिछले 40 दिनों के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस भारी गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 25 मई से यानी करीब 40 दिनों से घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अब आम जनता और बाजार विशेषज्ञ इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक कब पहुंचाएंगी। हालांकि शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है लेकिन पिछले कुछ हफ्तों का रुझान भारी गिरावट की ओर ही रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल और कच्चे तेल की कीमतें

शुक्रवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई लेकिन गुरुवार को बाजार बंद होने तक इसमें हल्की तेजी थी। अगेन कैपिटल के पार्टनर जॉन किल्डफ ने रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया कि बाजार में इस समय शॉर्ट-कवरिंग देखी जा रही है। अब सारा ध्यान इस बात पर है कि बाजार में कितनी सप्लाई आएगी न कि इस बात पर कि कितनी सप्लाई कम होगी। ब्रेंट फ्यूचर्स शुक्रवार को 71 डॉलर 74 पैसे प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड 68 डॉलर 60 पैसे पर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया। इस सत्र के दौरान दोनों बेंचमार्क फरवरी के आखिर में ईरान पर युद्ध की स्थिति शुरू होने के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। पूरे हफ्ते में ब्रेंट 0 दशमलव 60 प्रतिशत नीचे रहा जबकि डब्ल्यूटीआई 0 दशमलव 78 प्रतिशत नीचे दिखाई दिया।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के संकेत

मध्यस्थ देश कतर ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान ने एक स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत में सकारात्मक प्रगति की है। इस समझौते का उद्देश्य उस युद्ध को समाप्त करना है जिसने पिछले चार महीनों से होर्मुज स्ट्रेट से तेल की मुख्य शिपिंग को बाधित कर रखा था। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि जून में युद्ध रोकने वाले मेमोरेंडम से जुड़े मामलों पर बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से किसी ठोस कदम के संकेत नहीं मिले हैं। अगली बैठक ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के 9 जुलाई को होने वाले अंतिम संस्कार के बाद आयोजित की जाएगी।

तेल की मांग और आपूर्ति की स्थिति

एसईबी के मुख्य कमोडिटी एनालिस्ट ब्जार्ने शील्ड्रॉप के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आपूर्ति निरंतर जारी है और कई देश अपने रणनीतिक भंडार से भी तेल निकाल रहे हैं और इसके अलावा चीन से कच्चे तेल की मांग में अभी तक वैसी तेजी नहीं आई है जैसी उम्मीद की जा रही थी। यही कारण है कि कीमतों में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। शिपिंग डेटा के अनुसार सऊदी अरामको द्वारा एशिया में बिक्री बढ़ाने के लिए स्पॉट प्राइसिंग अपनाने के बाद रास तानूरा से लोड किए गए कुल 100 लाख बैरल सऊदी तेल को ले जाने वाले कम से कम पांच सुपरटैंकर होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकल चुके हैं। जानकारों का मानना है कि रिफाइनरीज को पर्याप्त तेल मिल रहा है लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।

यूबीएस ने घटाए तेल की कीमतों के अनुमान

एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि पिछले हफ्ते अमेरिका में कच्चे तेल का स्टॉक 2018 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया क्योंकि घरेलू रिफाइनरीज में मांग बढ़ी थी। इसके बावजूद यूबीएस ने ब्रेंट क्रूड के लिए अपने भविष्य के अनुमानों में कटौती की है। बैंक ने तीसरी तिमाही के अनुमान को 25 डॉलर प्रति बैरल कम करके 80 डॉलर कर दिया है और चौथी तिमाही के अनुमान को 10 डॉलर प्रति बैरल कम करके 80 डॉलर कर दिया है। साल 2027 के लिए भी अनुमान को 10 डॉलर कम करके 75 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है। इस बीच नाइजीरिया अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में एसोसिएट सदस्य के तौर पर शामिल होने वाला पहला ओपेक सदस्य बन गया है। वहीं यूक्रेन की सेना ने रूस के निज़नी नोवगोरोड इलाके में स्थित लुकोइल रिफाइनरी पर हमला किया है जिससे भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।

3 जुलाई को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें

भारत के विभिन्न शहरों में 3 जुलाई को पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:

  • दिल्ली में पेट्रोल की कीमत: 102 रुपये 12 पैसे प्रति लीटर
  • कोलकाता में पेट्रोल की कीमत: 113 रुपये 51 पैसे प्रति लीटर
  • मुंबई में पेट्रोल की कीमत: 111 रुपये 21 पैसे प्रति लीटर
  • चेन्नई में पेट्रोल की कीमत: 108 रुपये 1 पैसे प्रति लीटर
  • हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत: 115 रुपये 73 पैसे प्रति लीटर
  • बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत: 110 रुपये 89 पैसे प्रति लीटर

3 जुलाई को भारत के प्रमुख शहरों में डीजल की कीमतें

डीजल की कीमतें भी 25 मई के बाद से स्थिर बनी हुई हैं जो इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली में डीजल की कीमत: 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर
  • कोलकाता में डीजल की कीमत: 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर
  • मुंबई में डीजल की कीमत: 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर
  • चेन्नई में डीजल की कीमत: 99 रुपये 66 पैसे प्रति लीटर
  • हैदराबाद में डीजल की कीमत: 103 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर
  • बेंगलुरु में डीजल की कीमत: 98 रुपये 80 पैसे प्रति लीटर

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में 40 दिनों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 25 मई को कीमतों में तेजी देखी गई थी। दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये 12 पैसे और डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में ताजा अपडेट के अनुसार पेट्रोल 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर आ गए हैं। मई के महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत का इजाफा हुआ था लेकिन अब कच्चे तेल की गिरती कीमतों के बीच राहत की उम्मीद की जा रही है।

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