पीएम मोदी ने साणंद में तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का किया उद्घाटन, चिप निर्माण में भारत की बड़ी छलांग

पीएम मोदी ने गुजरात के साणंद में भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। जापान और थाईलैंड के सहयोग से बना यह प्लांट सालाना 500 करोड़ चिप बनाने का लक्ष्य रखता है।

Jul 4, 2026 - 20:35
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पीएम मोदी ने साणंद में तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का किया उद्घाटन, चिप निर्माण में भारत की बड़ी छलांग

जी. सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (OSAT) सुविधा का उद्घाटन कर भारत के तकनीकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है, जो भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के प्रयासों को नई गति प्रदान करेगा और इस प्लांट के उद्घाटन के साथ ही देश में चिप पैकेजिंग का व्यावसायिक उत्पादन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह प्लांट न केवल भारत की तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।

भारत की संकल्पशक्ति का प्रमाण

इस विशेष अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि भारत जो ठान लेता है, उसे हर हाल में पूरा करके दिखाता है। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग पांच साल पहले भारत ने यह संकल्प लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति बनाया जाएगा। " उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सफलता भारत के इंजीनियरों और श्रमिकों के कौशल का परिणाम है।

शिलान्यास से उत्पादन तक का सफर

प्रधानमंत्री ने इस प्लांट की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में उन्हें इस प्लांट का शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। इसके बाद बहुत ही कम समय में काम पूरा किया गया और वर्ष 2025 के अगस्त महीने में यहां टेस्टिंग चिप का काम सफलतापूर्वक शुरू हो गया। आज इस प्लांट का पूर्ण उद्घाटन हो गया है और पीएम मोदी ने कहा कि शिलान्यास से लेकर उत्पादन शुरू होने तक का यह सफर निश्चित रूप से अनेक साथियों के कड़े परिश्रम और प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह गति दर्शाती है कि भारत अब बड़े प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने में सक्षम है।

तीन देशों की अनूठी साझेदारी

साणंद का यह प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत, जापान और थाईलैंड के साझा प्रयासों का प्रतीक बताया। जी. " यह साझेदारी तकनीकी हस्तांतरण और वैश्विक मानकों को भारत में लाने में सहायक सिद्ध होगी, जिससे भारतीय चिप निर्माण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

सालाना 500 करोड़ चिप का बड़ा लक्ष्य

उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस प्लांट से हर साल 20 करोड़ चिप का उत्पादन शुरू होगा। हालांकि, यह केवल शुरुआत है। कंपनी ने भविष्य में हर साल 500 करोड़ चिप बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा, "मेरा पक्का विश्वास है कि आप इसे बहुत जल्द प्राप्त करके रहेंगे और " उन्होंने इस प्रगति को "स्टेप बाय स्टेप, ब्रिक बाय ब्रिक और अब चिप बाय चिप" के रूप में परिभाषित किया और सीजी सेमी की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति और विकसित भारत का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का यह विस्तार कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक में देश में आई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला चरण है और उन्होंने समझाया कि भारत ने पहले तैयार उत्पादों (Products) पर ध्यान दिया, फिर उनके पुर्जों (Components) पर और अब सेमीकंडक्टर पर काम हो रहा है। इसका अर्थ है कि अब इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी वैल्यू चेन भारत के भीतर ही मौजूद होगी। पीएम मोदी ने कहा कि यही विकसित भारत का असली रोडमैप है और यही मेक इन इंडिया का अगला चरण है और उन्होंने गर्व के साथ बताया कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और निर्यातक बन चुका है। वर्ष 2014 के मुकाबले भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 7 गुना बढ़ गया है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 11 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

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