अतिक्रमण हटाने के बजाय 4 IAS बने गोल्फ कोर्स मेंबर

जयपुर के सेंट्रल पार्क में बनाए गए रामबाग गोल्फ कोर्स पर जिन अफसरों को अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई करनी थी, वही उस गोल्फ क्लब के मेंबर बन बैठे। पिछले 5 साल में 4 आईएएस ऑफिसर जेडीए-यूडीएच में तैनात हुए, लेकिन किसी ने भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की।

Jun 13, 2024 - 19:43
 0  14
अतिक्रमण हटाने के बजाय 4 IAS बने गोल्फ कोर्स मेंबर

जयपुर के सेंट्रल पार्क में बनाए गए रामबाग गोल्फ कोर्स पर जिन अफसरों को अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई करनी थी, वही उस गोल्फ क्लब के मेंबर बन बैठे। पिछले 5 साल में 4 आईएएस ऑफिसर जेडीए-यूडीएच में तैनात हुए, लेकिन किसी ने भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की।

इस गोल्फ कोर्स को न तो सरकार ने जमीन आवंटित की है और न ही यह सरकारी जमीन का कोई किराया चुका रहे हैं। क्लब से जो कमाई हो रही है, उससे सरकार को कोई रेवेन्यू तक नहीं आ रहा। अतिक्रमण मानते हुए इसी साल फरवरी में स्वयं जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने गोल्फ कोर्स में बुलडोजर चलाया था।

सबसे पहले बताते हैं कौन है जमीन का असली मालिक?
रामबाग गोल्फ कोर्स की स्थापना 1944 में हुई थी। तब यह जमीन जयपुर के पूर्व राजपरिवार की हुआ करती थी। वर्ष 1973 में सेन्ट्रल पार्क की समस्त भूमि को राज्य सरकार ने अवाप्त (अधिग्रहीत) कर लिया था। इसका मुआवजा भी पूर्व राजपरिवार को मिल चुका है।

रामबाग गोल्फ कोर्स सेन्ट्रल पार्क के भीतर ही है। जिस भूमि पर गोल्फ कोर्स चल रहा है, वो जगह जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार में आती है। यह जमीन गोल्फ कोर्स को आवंटित ही नहीं है। न ही यह‌ भूमि गोल्फ कोर्स को किराए पर दी हुई है। जमीन पूरी तरह से राज्य सरकार के अंग जयपुर विकास प्राधिकरण के नाम है।

जमीन सरकार की, कमाई क्लब के खाते में

गोल्फ कोर्स से जेडीए या सरकार को किसी प्रकार का कोई राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। इस क्लब के जो लोग सदस्य बनते हैं, उनसे प्राप्त होने वाली धन राशि का उपयोग गोल्फ कोर्स प्रशासन ही करता है।

सरकार की जमीन पर संचालित होने वाला गोल्फ कोर्स लाखों रुपए की फीस लेकर मेंबरशिप देता है। बावजूद इसके सरकार को इसमें से फूटी कौड़ी नहीं मिल रही है। सरकार की जमीन का उपयोग गोल्फ कोर्स कर रहा है। इसके उलट रखरखाव का बहुत बड़ा खर्च भी जेडीए करता है।

कौन हैं चारों आईएएस अफसर?
चारों आईएएस अफसर राजस्थान काडर में हमेशा टॉप पोस्टिंग पर रहे हैं। इनमें से दो अफसर तो अलग-अलग मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सीएमओ में भी तैनात रहे हैं। चार में से तीन आईएएस अफसर तो एक के बाद एक जेडीसी के पद पर कार्यरत रहे हैं।


इनके कार्यकाल में गोल्फ कोर्स ने जो अतिक्रमण किया उसे फरवरी-2024 में जेडीए आयुक्त मंजू राजपाल के निर्देशों के बाद बुलडोजर चला कर ध्वस्त किया गया।

1. कुंजीलाल मीणा
वर्ष 1995 बैच के आईएएस अफसर कुंजीलाल मीणा वर्तमान में इंदिरा नहर बोर्ड के चेयरमैन हैं। वे अप्रैल 2021 से मई 2023 के बीच नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव के पद पर कार्यरत थे। मीणा इसी दौरान स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भी रहे थे।

कुंजीलाल मीणा ने कहा कि गोल्फ कोर्स की कार्यकारिणी के द्वारा जितने भी प्रिंसिपल सेक्रेट्ररी यूडीएच व जेडीसी रहे हैं, उन सभी को सदस्यता देने का निर्णय लिया गया था। उसी के तहत मैंने भी सदस्यता ली थी।

2. टी. रविकांत
वर्ष 1998 बैच के आईएएस अफसर रविकांत वर्तमान में नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव पद पर हैं। वे दिसंबर 2018 से जुलाई 2020 के बीच जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त (जेडीसी) पद पर थे। वे दिसंबर-2023 में करीब महीने भर के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रमुख शासन सचिव भी रहे हैं।

3. रवि जैन
वर्ष 2004 बैच के आईएएस अफसर रवि जैन वर्तमान में पंचायत राज विभाग के शासन सचिव हैं। वे अप्रैल-2022 से मई 2023 के बीच जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त (जेडीसी) रहे हैं। रवि जैन ने बताया कि रामबाग गोल्फ क्लब में मैंने भी सदस्यता ली हुई है। इसके लिए किसी तरह के अलग प्रावधान की जरूरत नहीं है। जयपुर के आरएएस, आरआइएस समेत ऐसे बहुत से क्लब हैं, जिनमें सदस्यता ले सकते हैं, तो गोल्फ कोर्स में भी ले ली।

4. गौरव गोयल
वर्ष 2006 बैच के आईएएस अफसर गोयल वर्तमान में राज्यपाल के शासन सचिव हैं और राजभवन में तैनात हैं। वे जुलाई 2020 से अप्रैल 2022 तक जेडीसी के पद पर कार्यरत थे। गोयल अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शासन सचिव के रूप में सीएमओ में तैनात रहे हैं। हमने गौरव गोयल से पक्ष जानने के लिए कई बार फोन कॉल्स किए लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

आम लोगों के लिए 25 लाख, अफसरों को 2.50 लाख में मेंबरशिप
सरकारी जमीन पर बनाए गए गोल्फ कोर्स में अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग फीस है। आम लोगों से 15 तो किसी से 20 या 25 लाख रुपए लिए गए हैं। यह गोल्फ कोर्स ही तय करता है। आईएएस अफसरों सहित कुछ लोगों को विशेष छूट दी गई है।

सबसे बड़ा सवाल : जब जेडीसी और यूडीएच सचिव क्लब के प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट, तो मेंबरशिप लेने की क्या जरूरत?
जेडीसी और नगरीय विकास विभाग के पदों पर रहने वाले आईएएस अफसरों को पोलो क्लब और गोल्फ कोर्स में प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट बनाया जाता है। यह दोनों क्लब जेडीए की ही जमीन (सेन्ट्रल पार्क) पर संचालित होते हैं। विचित्र बात है कि जब इन पदों पर आने वाले अफसरों को स्वत: ही गोल्फ कोर्स और पोलो क्लब के प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट की सदस्यता मिल जाती है, तो उन अफसरों को इनकी अलग से सदस्यता लेने की जरूरत क्या पड़ी। क्या वे इन पदों पर न रहने के बाद भी इन क्लबों के सदस्य बने रहना चाहते हैं।

जेडीए अपनी ही जमीन पर अतिक्रमण को हटाता है, तब जेडीसी खुद ही अपने खिलाफ शिकायतकर्ता भी होता है
फरवरी-2024 में जेडीए ने रामबाग गोल्फ क्लब परिसर में करीब ढाई हजार स्क्वायर फीट पर बने अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया था। उस कार्रवाई का आदेश जेडीसी (जेडीए कमिश्नर) ने जारी किया था।

यह नोटिस जब जेडीए की तरफ से गोल्फ कोर्स को दिया गया, तब गोल्फ कोर्स की वाइस प्रेसिडेंट भी जेडीए आयुक्त मंजू राजपाल ही थीं। मतलब एक विभाग के मुखिया ने एक ऐसे क्लब को नोटिस दिया और अतिक्रमण हटाया जिस क्लब की वाइस प्रेसिडेंट भी वे स्वयं ही थीं।

राजस्थान में किसी भी सरकारी विभाग में ऐसी कोई दूसरी मिसाल नहीं है, जहां स्वयं पदाधिकारी आईएएस अपने ही विभाग की जमीन पर कब्जा करने वाले किसी क्लब या संस्था का सदस्य या पदाधिकारी हो।

नोटिस के बावजूद नहीं हटाया अतिक्रमण
रामबाग गोल्फ क्लब प्रशासन ने सेंट्रल पार्क में बने गांधी दर्शन म्यूजियम से सटी जमीन पर तीन हॉल और टीन शेड की मदद से अवैध निर्माण कर लिया गया था। यह अवैध निर्माण धीरे-धीरे पिछले 4-5 वर्षों में किया गया था। इसके साथ ही कार सर्विस को लेकर भी सर्विस पॉइंट तैयार हुए थे।

अवैध निर्माण की सूचना पर जेडीए ने गोल्फ क्लब प्रशासन को 7 दिन का नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद गोल्फ क्लब प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अतिक्रमण को नहीं हटाया। ऐसे में 10 फरवरी 2024 को जेडीए का दस्ता गोल्फ क्लब से परिसर पहुंचा। जहां लगभग ढाई हजार वर्ग फीट में बने निर्माण को जेसीबी-बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया गया।

गोल्फ कोर्स क्लब का क्या कहना है?
गोल्फ कोर्स के कप्तान शिरीष संचेती ने भास्कर को बताया कि चारों आईएएस अफसरों सहित जिन भी लोगों को गोल्फ कोर्स की मेंबरशिप दी गई है, वो हमारे गोल्फ कोर्स के नियम-कायदों के अनुसार ही दी गई है। कोई भी व्यक्ति गोल्फ खेलना चाहे तो वो खेलने की फीस करीब 60 हजार रुपए देकर खेल सकता है। स्थायी मेंबरशिप के लिए लंबी लाइन लगी हुई है। उसकी एक तय प्रक्रिया है। उसके अनुसार ही मेंबरशिप दी जाती है।

एक्सपर्ट बोले- नियमों के खिलाफ मेंबरशिप तो होनी चाहिए कार्रवाई
रिटायर्ड आईएएस अफसर रविशंकर श्रीवास्तव का कहना है कि आईएएस अफसर किसी क्लब के सदस्य तो हो सकते हैं लेकिन अगर उनकी पोस्टिंग उस क्लब से जुड़ी हुई है तो फिर यह सर्विस रूल्स के हिसाब से गलत मानी जाती है।

सरकारी अफसर को तभी किसी क्लब की सदस्यता लेनी चाहिए जब उसका ओपन विज्ञापन हुआ हो और उसके आईएएस होने या किसी पोस्ट पर होने के कारण उसे सदस्यता नहीं दी जा रही हो। सरकार को इस मामले की जांच और कार्रवाई करनी चाहिए कि आखिर किस क्लब ने किस अफसर को किस योग्यता के आधार पर सदस्यता दी है।


कोई सरकारी अफसर कैसे बन सकता है अवैध कब्जे पर बनी संस्था का मेंबर- सामाजिक कार्यकर्ता

सेन्ट्रल पार्क बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेश यादव ने बताया कि कोई सरकारी अफसर कैसे उस संस्था या क्लब का मेंबर हो सकता है जो सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमणकारी हो। जिसके अतिक्रमण को खुद जेडीए ने हटाया हो। क्या यह मात्र संयोग है कि एक के बाद एक जेडीसी के पदों पर रहने वाले आईएएस अफसर गोल्फ कोर्स के मेंबर हो गए हैं।

गोल्फ कोर्स को सेन्ट्रल पार्क में संचालित किए जाने के लिए अगर कोई भी वैध दस्तावेज, अनुमति पत्र, आवंटन पत्र, लीज-डीड, किरायानामा आदि कुछ भी अगर कहीं भी अस्तित्व में हैं, तो गोल्फ कोर्स उन्हें जाहिर कर दे। सरकारी जमीन पर बिना वैध अनुमति संचालित हो रहे गोल्फ कोर्स में आईएएस अफसरों का मेंबर बनना नैतिक, प्रशासनिक व संवैधानिक हर दृष्टि से अनुचित है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow