अमेरिका में 'पंजाबी डेविल्स' गैंग के सरगना जश्ननप्रीत सिंह को जेल, हथियारों की तस्करी में फंसे

कैलिफोर्निया में 'पंजाबी डेविल्स' गैंग के संस्थापक जश्ननप्रीत सिंह को हथियारों की तस्करी और मशीन गन रखने के आरोप में 5 साल से अधिक की जेल हुई है।

May 15, 2026 - 11:35
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अमेरिका में 'पंजाबी डेविल्स' गैंग के सरगना जश्ननप्रीत सिंह को जेल, हथियारों की तस्करी में फंसे

अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के एक 27 वर्षीय युवक को संघीय अदालत द्वारा जेल की लंबी सजा सुनाई गई है। जश्ननप्रीत सिंह, जो लोदी का निवासी है, उसे 'पंजाबी डेविल्स' (Punjabi Devils) नामक एक अवैध मोटरसाइकिल गैंग चलाने और हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-बिक्री के गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया है। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज डेल ड्रोज़्ड ने सोमवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए जश्ननप्रीत सिंह को 5 साल और 4 महीने (कुल 64 महीने) की जेल की सजा सुनाई। यूएस अटॉर्नी एरिक ग्रांट ने गुरुवार को इस सजा की आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि आरोपी पर मशीन गन रखने और हथियारों की तस्करी के संघीय आरोप सिद्ध हुए हैं। यह सजा जश्ननप्रीत द्वारा किए गए उन अपराधों का परिणाम है जिन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा किया था।

पंजाबी डेविल्स मोटरसाइकिल क्लब और आपराधिक संबंध

अदालती दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के अनुसार, जश्ननप्रीत सिंह 'पंजाबी डेविल्स मोटरसाइकिल क्लब' का संस्थापक और मुख्य संचालक है। यह क्लब कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में स्थित एक गैर-कानूनी मोटरसाइकिल गैंग के रूप में सक्रिय था। जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग कैलिफोर्निया के एक कुख्यात और वैश्विक स्तर पर सक्रिय गैर-कानूनी मोटरसाइकिल क्लब 'हेल्स एंजल्स' (Hells Angels) के साथ भी गहरे संबंध रखता था। जश्ननप्रीत सिंह इसी गैंग की आड़ में हथियारों के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। इस क्लब की गतिविधियां केवल मोटरसाइकिल चलाने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा था जो अवैध हथियारों के वितरण में शामिल था।

अंडरकवर ऑपरेशन और हथियारों की बरामदगी

जश्ननप्रीत सिंह की गिरफ्तारी और सजा के पीछे एक विस्तृत जांच प्रक्रिया शामिल थी। पिछले साल जून के महीने में, जश्ननप्रीत ने अनजाने में एक अंडरकवर अधिकारी को हथियारों का एक बड़ा जखीरा बेचने का प्रयास किया था। इस सौदे के दौरान उसने एक छोटी बैरल वाली राइफ़ल, तीन असॉल्ट हथियार, तीन मशीन गन कन्वर्ट करने वाले डिवाइस और एक रिवॉल्वर बेचने की कोशिश की। इस घटना के बाद जब कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जश्ननप्रीत के आवास की गहन तलाशी ली, तो वहां से और भी घातक हथियार बरामद हुए और तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक मशीन गन, एक अतिरिक्त मशीन गन कन्वर्ट करने वाला डिवाइस और एक साइलेंसर मिला, जो अवैध रूप से रखे गए थे। ये सभी उपकरण और हथियार बिना किसी कानूनी परमिट के रखे गए थे।

विस्फोटक और सैन्य ग्रेड हथियारों की बरामदगी

जांच के दौरान अधिकारियों को जश्ननप्रीत के पास से केवल बंदूकें ही नहीं, बल्कि खतरनाक विस्फोटक भी मिले। तलाशी में एक अनानास के आकार का हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ, जिसमें कैप और फ्यूज लगा हुआ था। इसके अलावा, एक ऐसी वस्तु भी मिली जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक-कैप वाली 'क्लेमोर माइन' (Claymore Mine) के रूप में पहचाना। इन विस्फोटकों की गंभीरता को देखते हुए सैन जोकिन काउंटी शेरिफ विभाग की बम निरोधक टीम के विस्फोटक विशेषज्ञ दस्ते को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने स्थिति का आकलन करने के बाद इन खतरनाक विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके।

भारत भागने की कोशिश और एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी

जश्ननप्रीत सिंह के खिलाफ शुरुआत में सैन जोकिन काउंटी में राज्य स्तरीय आरोप लगाए गए थे। पिछले साल जुलाई में जब उसे अदालत में पेश होना था, तो वह गायब हो गया, जिसके बाद राज्य की अदालत ने उसके खिलाफ बेंच वारंट जारी किया। इसी दौरान एफबीआई (FBI) को यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन से एक महत्वपूर्ण अलर्ट प्राप्त हुआ और सूचना मिली कि जश्ननप्रीत ने भारत लौटने के लिए हवाई टिकट बुक कराया है और वह 26 जुलाई 2025 को सैन फ़्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाला है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर जाल बिछाया और उसे विमान में सवार होने से पहले ही पकड़ लिया।

वर्तमान में जश्ननप्रीत सिंह फेडरल कस्टडी में है और उसे अपनी सजा काटनी होगी। यह मामला अमेरिका में अवैध हथियार तस्करी और गैंगवार के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जश्ननप्रीत द्वारा संचालित 'पंजाबी डेविल्स' गैंग और उसके 'हेल्स एंजल्स' के साथ संबंधों ने कैलिफोर्निया में सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौतियां पेश की थीं, जिसका अंत अब इस अदालती फैसले के साथ हुआ है। वह अभी भी फेडरल कस्टडी में है और उसे जेल भेज दिया गया है।

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