डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान से युद्ध पर बोले- दोबारा वही कदम उठाऊंगा
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध और मिडटर्म चुनाव में हार पर कहा है कि अगर उन्हें फिर से ऐसा करना पड़े, तो वे दोबारा वही कदम उठाएंगे।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार को लेकर लगातार राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है और इस हार का ठीकरा ईरान के साथ छेड़ी गई जंग पर भी फोड़ा जा रहा है, जिसके बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर उन्हें फिर से ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो वह दोबारा वही फैसला लेंगे और वही करेंगे। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली बुरी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की देश-विदेश में काफी आलोचना की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के भीतर भी इस बात की समीक्षा की जा रही है कि आखिर इस हार के मुख्य कारण क्या रहे हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान और ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की इस हार के लिए ईरान के साथ युद्ध को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस सनसनीखेज बयान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद आगे आकर ईरान से जंग को लेकर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। ट्रंप ने अपनी सफाई में कहा है कि अगर उन्हें फिर से ऐसा करना पड़े, तो वह बिना किसी संकोच के दोबारा वही काम करेंगे। 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन की हार के लिए ईरान के साथ युद्ध को जिम्मेदार ठहराने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि मैं डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर भी काम कर सकता हूँ, बशर्ते वे किसी भी प्रकार का विनाशकारी रवैया न अपनाएं। उनके पास वीटो की शक्ति है, इसलिए वे जो कर रहे हैं वह हमें पसंद नहीं आ रहा है, लेकिन उनका फोन आ चुका है, और वे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करना चाहते हैं।
ईरान के साथ युद्ध और पेट्रोल की कीमतें
डोनाल्ड ट्रंप ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि खैर, मुझे लगता है कि यह काफी हद तक सच है, क्योंकि इस सैन्य कार्रवाई से कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें थोड़ी बढ़ गई थीं। लेकिन अगर मुझे फिर से ऐसा करना पड़े, तो मैं दोबारा वही कदम उठाऊंगा, क्योंकि लंबे समय के हिसाब से यही एकमात्र समाधान बचा हुआ था। आप किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दे सकते। आपके पास इसके अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है। मुझे ऐसा लगा था कि तेल की कीमतें और भी ज्यादा ऊंचाई पर चली जाएंगी, और मैंने ठीक उसी आकलन के आधार पर यह कड़ा कदम उठाया था और आपके पास कोई विकल्प नहीं है। आपको ऐसा करना ही होगा। आप ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। वरना, आज आप जो कुछ भी यहाँ देख रहे हैं, हो सकता है कि आने वाले समय में एक दिन उसका अस्तित्व ही न रहे। मैं डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम कर सकता हूँ, बशर्ते वे विनाशकारी रवैया न अपनाएं। उनके पास वीटो की शक्ति है, इसलिए वे जो कर रहे हैं वह हमें पसंद नहीं है और लेकिन उनका फोन आ चुका है, और वे कुछ मुद्दों पर बातचीत करना चाहते हैं।
ईरान के साथ युद्ध कब खत्म होगा और महाभियोग पर ट्रंप की दो टूक
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह तीखा सवाल पूछा गया कि ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध आखिरकार कब खत्म होगा, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि यह जब भी मैं चाहूं, तब खत्म हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह से सही तरीके से किया जाना चाहिए। हम उन्हें कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। इसे सही ढंग से ही अंजाम दिया जाना चाहिए। मुझे पहले से ही इस बात का अंदाजा था कि ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी। मुझे लगा था कि ये मौजूदा कीमतों से दो से तीन गुना तक बढ़ जाएंगी। लेकिन आज राहत की बात यह है कि ये कीमतें नीचे आ रही हैं। परसों ही इसमें दस अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और इसके साथ ही जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें डेमोक्रेट्स द्वारा लाए जा सकने वाले महाभियोग की कोई चिंता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी बेबाकी के साथ कहा कि बिल्कुल भी नहीं। मुझे ऐसा लगता है कि अगर वे ऐसा करने की कोशिश करते हैं, तो इससे डेमोक्रेट पार्टी ही पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर किस बात के लिए महाभियोग? एक सफल देश होने के लिए?
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