नेपाल हिमस्खलन: तिब्बत सीमा के पास हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर 10 लोग लापता

नेपाल के हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर हिमस्खलन से 10 लोग लापता हैं। भारी बर्फबारी और बारिश के कारण सड़कें बंद हैं और पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।

Sep 27, 2026 - 13:35
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नेपाल हिमस्खलन: तिब्बत सीमा के पास हिमलुंग हिमाल बेस कैंप पर 10 लोग लापता

पश्चिमी नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर एक भीषण हिमस्खलन की घटना सामने आई है और इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से कम से कम 10 लोग लापता हो गए हैं। यह घटना मनांग जिले में स्थित 7126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हुई है। जानकारी के अनुसार, यह चोटी उन पर्वतारोहियों के बीच काफी लोकप्रिय है जो अधिक ऊंचाई पर चढ़ाई का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और लापता लोगों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि खराब मौसम इसमें बड़ी बाधा बना हुआ है।

घटना का विवरण और लापता लोग

आयोजक मिंगमा ग्याल्जे शेरपा ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हिमस्खलन रविवार सुबह को हुआ था। लापता हुए 10 लोगों में मिंगमा ग्याल्जे शेरपा के किचन के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले सप्ताह मौसम की गंभीर चेतावनी जारी की गई थी, जिसके बाद अधिकांश अभियान टीमों और रस्सी लगाने वाली टीमों ने पहाड़ की ढलानों को खाली कर दिया था। हालांकि, कुछ लोग अनिच्छा के बावजूद वहीं रुक गए थे, जो इस हिमस्खलन की चपेट में आ गए। लापता लोग अलग-अलग अभियान कंपनियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

भारी बर्फबारी और मौसम का मिजाज

इस हिमस्खलन का मुख्य कारण पहाड़ी इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बर्फबारी को माना जा रहा है। बर्फबारी इतनी अधिक थी कि पर्वतारोहियों को अपनी चढ़ाई बीच में ही रोककर पीछे हटना पड़ा। वर्तमान में नेपाल के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिसका कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव है और नेपाल में शुक्रवार से ही मौसम की स्थिति अत्यंत खराब बनी हुई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

सड़कें बाधित और बचाव कार्य में चुनौतियां

खराब मौसम के कारण देश के कई हिस्सों में सड़कें बाधित हो गई हैं और स्थानीय अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से यातायात के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क मार्गों को बंद करना पड़ा है। हिमलुंग हिमाल की भौगोलिक स्थिति और ऊंचाई बचाव कार्यों को और भी चुनौतीपूर्ण बना देती है। 7126 मीटर ऊंची इस चोटी तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानों की आवश्यकता होती है, लेकिन मनांग जिले में इसके लिए अतिरिक्त परमिट की जरूरत पड़ती है, जिससे राहत कार्यों में देरी और कठिनाइयां बढ़ रही हैं।

पर्यटन विभाग की चेतावनी और पिछला संकट

बिगड़ते हालात को देखते हुए पर्यटन विभाग ने अलर्ट जारी किया है और सभी ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को अपनी गतिविधियां तुरंत रोकने की सलाह दी है। पर्यटन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर्वतारोहण के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। उल्लेखनीय है कि नेपाल का पर्यटन उद्योग पहले से ही आपदाओं की मार झेल रहा है। पिछले महीने ही रासुवा में आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 5000 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। उस आपदा में त्रिशूली नदी के किनारे बसी बस्तियां पूरी तरह बह गई थीं, और अब इस हिमस्खलन ने पर्यटन क्षेत्र को एक और बड़ा झटका दिया है।

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